रंगरा : रंगरा प्रखंड में दूसरे राज्यों से आए हुए प्रवासी मजदूरों को रखने के लिए बनाए गए कोरनटाईन सेंटर में जिलाधिकारी के सख्त निर्देश के बाद भी व्यवस्था नहीं बदली. शुक्रवार को मजदूरों ने जम कर बवाल काटा है. प्रखंड में न्यू माॅडल प्रखंड कार्यालय भवन में बनाए गए प्रखंड स्तरीय क्वारेंटाइन सेंटर में रह रहे प्रवासी सैकड़ों मजदूरों ने भोजन पानी की मांग को लेकर जमकर हंगामा किया. हंगामा कर रहे लोगों ने स्थानीय प्रशासनिक पदाधिकारियों और रंगरा सीओ पर मूलभूत सुविधा नहीं देने का लगाते हुए कहा की हम लोगों को यहां कल से ही रखा गया है.
परंतु अब तक 24 घंटे बीत जाने के बाद भी शुद्ध पानी पीने को भी नसीब नहीं हो रहा है. शिकायत करने पर डांट फटकार देते हैं. उन लोगों ने घटिया भोजन देने का भी आरोप लगाया है. विरोध कर रहे लोगों ने बाल्टी और बोतल में पानी दिखाते हुए कहा कि यही गंदा पानी हम लोग पीने को मजबूर हैं. पानी में भरपूर आयरन होने के कारण पानी लाल हो गया था. इसके अलावा रह रहे लोगों ने साबुन सैनिटाइजर और सोने के लिए बिछावन, मछरदानी तक व्यवस्था नहीं होने की बात कही और बताया कि शौचालय और बाथरूम तो है लेकिन वहां एक भी बाल्टी या डब्बा नहीं है.

कहने पर पदाधिकारी के द्वारा यह कहा जाता है कि सब कुछ हो जाएगा पर उसके लिए समय लगेगा. परंतु 24 घंटे बीत जाने के बाद भी अब तक व्यवस्था नदारद है. प्रवासी मजदूरों ने पानी के लिए वैकल्पिक व्यवस्था और सभी बाथरूम और शौचालय में बाल्टी मग के अलावे साबुन सैनिटाइजर और बिछावन, मच्छरदानी की मांग की है. मजदूरों ने कहा कि कोरोना उनलोगों को है या नहीं यह तो जांच के बाद पता चलेगा. लेकिन दूषित पानी पी कर वे लोग पहले ही बीमार पड़ जाएंगे.
रंगरा सीओ ने कहा
इस संबंध में रंगरा अंचलाधिकारी जितेंद्र कुमार राम ने बताया कि वितरण करने वाली कीट नहीं रहने के कारण नहीं दिया गया था. आज ही किट मंगाया गया है. जो शाम में सभी को वितरण किया जाएगा. जबकि अंचलाधिकारी ने कहा कि डब्बावाला पानी मंगाया गया है फिलहाल लोग उसी का उपयोग करेंगे.
पीएचईडी विभाग के एसडीओ ने कहा
शुद्ध पानी के बारे में पीएचईडी विभाग के एसडीओ ने कहा कि वहां के पानी का सैंपल लिया गया है. पानी में 1.1 पीपीएम आयरन है, जो पीने योग्य है और वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में वहां पर आवश्यकतानुसार चापाकल लगाया जाएगा.


