अनुमंडल में 149 विद्यार्थियों वाले टीचर ट्रेनिंग कॉलेज में न लाइब्रेरी की सुविधा है और न ही लैब की, पर फीस की वसूली में कोई कोर कसर नहीं छोड़ा जाता है। यहीं नहीं, यहां मुलभूत सुविधाओं की व्यवस्था की घोर कमी है। बाहर से चमक-दमक वाले बड़ी बिल्डिंग में चलने वाले इस टीचर ट्रेनिंग कॉलेज में पीने के पानी के महज एक चापाकल है, वह भी आयरन युक्त है। जिसे पीने से यहां के पढ़ने वाले स्टूडेंट बचते हैं। इस महाविद्यालय में पढ़ने वाले सामान्य वर्ग विद्यार्थी एक साल में 11 हजार 500 रुपए और ओबीसी के विद्यार्थी 7 हजार रुपए फीस के रूप में देते हैं।
इसमें महाविद्यालय 3 हजार रुपए कॉलेज में देने वाली सुविधाओं के नाम वसूलता है। पर सुविधाओं की बात करें, जिस मद में महाविद्यालय प्रबंधन फीस की वसूली कर रहा है, उसकी एक भी सुविधा विद्यार्थियों को नहीं मुहैया करा रहा है। हम बात कर रहे हैं, नवगछिया के प्राथमिक शिक्षक शिक्षा महाविद्यालय नगरपाड़ा की। चमक-दमक वाले बड़ी बिल्डिंग में चलने वाले इस महाविद्यालय की हकीकत कुछ और ही है….। प्रबंधन के डर से यहां विद्यार्थी भी, जैसे-तैसे अपनी डिग्री ले रहे हैं।

नहीं मिल रहीं हैं विद्यार्थियों को एक भी सुविधाएं : विद्यार्थियों की फीस में पेयजल के नाम पर 300 रुपए, रसोई के नाम पर 300 सौ, शैक्षणिक परिभ्रमण के लिए 400 रुपए, खेलकूद के लिए 300 रुपए, पुस्तकालय के लिए 300 रुपए, प्रयोगशाला के नाम पर 400 रुपए, कंप्यूटर के नाम पर 600 रुपए और आंतरिक मूल्यांकन के नाम पर 400 रुपए महाविद्यालय प्रबंधन वसूल रहा है। यानी एक साल में प्रबंधन एक विद्यार्थी से 3 हजार रुपए महाविद्यालय में देने वाली सुविधाआंेे के नाम पर वसूल रहा है। पर इसकी जमीनी हकीकत यह है कि इनमें से एक भी सुविधाएं यहां के विद्यार्थियों को नहीं मिल पा रही हैं।

कई बार विभाग को दे चुके हैं जानकारी, नहीं हो सकी व्यवस्था
महाविद्यालय के प्राचार्य शंभू नाथ ने कहा कि पानी की व्यवस्था को लेकर कई बार विभाग को लिखित में जानकारी दे चुके हैं। मगर अब तक इस दिशा में कोई पहल नहीं की गई। पानी के लिए एक चापाकल महाविद्यालय में है। महाविद्यालय में 14 पद के लिए 6 पद खाली हैं। जिस कारण कंप्यूटर प्रयोगशाला की पढ़ाई नहीं हो पा रही है।


