नवगछिया : तेजस्वी पब्लिक स्कूल में बिहार दिवस और विश्व जल दिवस को उत्साहपूर्वक मनाया गया। इन विशेष अवसरों पर, छात्रों और शिक्षकों ने सामूहिक रूप से ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन किया, जिनमें बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और जल संरक्षण के महत्व पर ध्यान केंद्रित किया गया।
बिहार दिवस के संदर्भ में, छात्रों ने राज्य की ऐतिहासिक धरोहर, कला, संस्कृति और उपलब्धियों का प्रदर्शन किया। इस दौरान, उन्होंने प्रमुख व्यक्तित्वों और उनके अमूल्य योगदान के बारे में जानकारी साझा की।विश्व जल दिवस के अवसर पर, जल के महत्व को स्पष्ट करने हेतु निबंध प्रतियोगिता, चित्रण और जल संरक्षण पर भाषणों का आयोजन किया गया। छात्रों को जल की प्रासंगिकता और उसके संरक्षण के उपायों के संबंध में जागरूक किया गया।
इन आयोजनों ने बच्चों में सामाजिक प्रतिबद्धता और पर्यावरण के प्रति जागरूकता को उत्प्रेरित किया। प्रधानाचार्य सी. पी. एन. चौधरी ने विद्यार्थियों को विश्व जल दिवस (World Water Day) और बिहार दिवस (Bihar Day) के महत्व पर चर्चा की और इन दोनों दिवसों के महत्व पर प्रकाश डाला।
1. विश्व जल दिवस:
हर वर्ष 22 मार्च को मनाए जाने वाले विश्व जल दिवस का उद्देश्य जल के महत्व को उजागर करना और जल संरक्षण की आवश्यकता के प्रति बच्चों एवं समुदाय को जागरूक करना है। प्रधानाचार्य ने बताया कि जल हमारे जीवन का सबसे आवश्यक संसाधन है, और इसके संरक्षण की जिम्मेदारी हम सभी की है। छोटे-छोटे उपायों के माध्यम से जल की बचत कर हम भविष्य की पीढ़ियों के लिए इसके संरक्षण को सुनिश्चित कर सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को जल संरक्षण के व्यावहारिक कदम उठाने की सलाह दी।
2. बिहार दिवस:
बिहार दिवस का आयोजन 22 मार्च को किया जाता है, जो बिहार राज्य के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व को मनाने का अवसर है। प्रधानाचार्य ने छात्रों को बताया कि बिहार एक ऐतिहासिक राज्य है, जिसमें प्राचीन शिक्षा, संस्कृति और समाज की लंबी परंपरा विद्यमान है। बिहार ने भारतीय इतिहास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, और इस दिन हम अपने राज्य की धरोहर और विकास को सम्मानित करते हैं। उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि वे बिहार की समृद्ध संस्कृति को समझें और उसके प्रचार में भाग लें।प्रधानाचार्य ने यह भी प्रेरित किया कि छात्र इन दोनों दिवसों के महत्व को समझें और जल संरक्षण तथा राज्य के प्रति गर्व का अनुभव करें।
प्रशासक नितिन कुमार ने भी बिहार दिवस और विश्व जल दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जल जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक है, और इसके संरक्षण की जिम्मेदारी हम सभी पर है। जल संकट की गंभीरता को देखते हुए, यह दिन हमें जल के सही उपयोग और उसके संरक्षण की आवश्यकता की याद दिलाता है। नितिन कुमार ने विद्यार्थियों और शिक्षकों के साथ मिलकर जल संरक्षण की शपथ ली; यह तय किया गया कि वे जल के संरक्षण हेतु प्रयास करेंगे और पानी की बर्बादी को रोकने के लिए सजग रहेंगे। इसके अतिरिक्त, उन्होंने सभी से यह वचन लिया कि वे जल के इस अमूल्य संसाधन की रक्षा के लिए अपने घरों और स्कूलों में कार्य करेंगे तथा सही उपयोग के महत्व के बारे में दूसरों को जागरूक करेंगे।
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