गोपालपुर प्रखंड के करारी तीनटंगा स्थित दर्शनमांझी घाट पर 5 नवंबर को हुए नाव हादसे में घटना के पांचवें दिन भी लापता तीन लोगों का सुराग नहीं मिल सका। एसडीआरएफ की टीम सोमवार को भी दिनभर गंगा में रेसक्यू करती रही, लेकिन उसे सफलता नहीं मिली। देर शाम स्थानीय प्रशासन के निर्देश पर तलाश अभियान बंद कर दिया गया।
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इसके साथ ही एसडीआरएफ की टीम लौट गई। इससे लापता 18 वर्षीया कौशल्या कुमारी, पिता स्व. अजब लाल मंडल, रंजीत दास की 40 वर्षीया पत्नी बिंदु देवी और लालो मंडल की 23 साल की पत्नी गीता देवी के परिजनों की उम्मीदें टूट गई। घटना के पांच दिन बाद भी इन परिवारों के घरों में चूल्हे नहीं जले हैं। भूखे प्यासे परिजन घरों में बिलख रहे हैं। खासकर महिलाओं एवं बच्चों का बुरा हाल है। वहीं पुरुष कहलगांव से लेकर रानीदियारा तक इनकी खोज के लिए नदी के किनारे भटक रहे हैं

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इधर, एसडीआरएफ की टीम के लौटने के बाद ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति आक्रोश है। लोगों का कहना है कि प्रशासन द्वारा रेस्क्यू बंद कर सही निर्णय नहीं है। लापता गीता देवी के पति ने कहा कि जिन लोगों का लाश बरामद कर लिया गया है। उनको तो प्रशासन की ओर से मुआवजा मिल गया, लेकिन हमें अब तक कुछ नहीं मिला है।

