नवगछिया : बिहपुर में फर्जी प्रमाणपत्र पर बहाल हुए पंचायत शिक्षक मो. अशफाक आलम ने बुधवार को जिला एवं सत्र न्यायालय में अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल की हे। अर्जी पर गुरुवार को सुनवाई होगी। मो. अशफाक का नाम विजिलेंस के दारोगा सुरेंद्र कुमार सरोज द्वारा 2016 में आदमपुर थाने में दर्ज एफआईआर में है।
विजिलेंस ने 2016 में जिले के 47 नियोजित शिक्षकों पर हाईकोर्ट के आदेश के आलोक में केस किया था। अशफाक पर आराेप था कि उसने जो अंकपत्र नियोजन इकाई के समक्ष दाखिल किए थे। वह फर्जी था, अंकपत्र में नाम भी गलत था। सहरसा के सिमरी बख्तियारपुर के सन्हौती निवासी अशफाक अालम का सही नाम अशफाक अहमद है।


हालांकि अशफाक ने जमानत अर्जी में खुद को निर्दोष बताया। साथ ही कहा कि इसी लिस्ट में संजय कुमार नाम शिक्षक को 5 मई 2017 को हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत मिल चुकी है। उसी आधार पर उसे भी जमानत दी जाए।


