मदन अहिल्या महाविद्यालय में चल रहे दस दिवसीय आत्मरक्षा मिशन साहसी शिविर का शानदार समापन सोगवार को किया गया। यहां बतौर मुख्यतिथि पहुंची एसपी निधि रानी ने छात्राओं का उत्साहवर्धन कर जोश भरा। कहा कि आपने आत्मरक्षा के लिए जो दांव-पेच सीखे हैं उसका निरंतर अभ्यास करें, तभी यह कारगर होगा।
इस दौरान उन्होंने कहा कि अब महिलाएं किसी से कम नहीं हैं, महिलाओं के विरुद्ध हो रहे अत्याचार के खिलाफ अब लड़ाई लड़ने का समय आ गया है। शिविर में आत्म रक्षार्थ जो प्रशिक्षण मिला है, वह मील का पत्थर साबित होगा। कहा कि मुझे आपका प्रदर्शन देखकर काफी खुशी हुई। आपने जो भी सीखा है, उसे अन्य अप्रशिक्षित छात्राओं को बताएं।

निरंतर अभ्यास करें, ताकि जरुरत पड़ने पर आप इसका इस्तेमाल कर अपनी रक्षा करने के साथ-साथ अन्य छात्राओं की रक्षा करने में मददगार बनें। कार्यक्रम की अध्यक्षता छात्रसंघ सचिव आकांक्षा चौधरी ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रचार्या डॉ. सुदामा यादव, पूर्व प्रचार्या डॉ. भावना झा उपस्थित रहीं। उद्घाटन सरस्वती वंदना से की गई। एसपी ने सरस्वती माता व स्वामी विवेकानंद की तस्वीर पर पुष्प अर्पित किया। उत्साहवर्धन कर कहा-जो सीखा उसे अप्रशिक्षित छात्राओं को भी बताएं
नवगछिया में सोमवार को मदन अहिल्या महाविद्यालय में चल रहे दस दिवसीय मिशन साहसी शिविर के समापन समारोह में छात्राओं का उत्साह वर्धन करतीं एसपी निधि रानी। साथ में छात्राएं।
छात्राओं ने आत्मरक्षा का किया प्रदर्शन
समापन कार्यक्रम का संचालन करते हुए स्मृति सिंह ने कहा कि फूल नहीं चिंगारी हैं, हम भारत की नारी हैं, अबला नहीं तूफान हैं, हम भारत की शान हैं। छात्राओं ने आत्मरक्षा के सीखे दांव-पेच का शक्ति प्रदर्शन भी किया। प्रशिक्षक जेम्स फाइटर व मोनी कुमारी को अंगवस्त्र, डायरी, कलम व पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया गया। धन्यवाद ज्ञापन छात्रसंघ उपाध्यक्ष प्रतिभा झा ने किया। इस अवसर पर अंजलि भारती, अर्चना कुमारी, कोमल राज, मुस्कान जास्मीन, पूजा कुमारी, ब्यूटी कुमारी, प्रेरणा, मिनाक्षी झा, शिक्षक डॉ. हिमांशु शेखर मिश्र, डॉ. मीना कुमारी, संतोष, डॉ. शैलेंद्र कुमार, अरुण झा, डॉ. पूनम कुमारी सहित महाविद्यालय की छात्राएं और शिक्षिकाएं उपस्थित थीं।


