गोपालपुर के चपरघट पोखरिया के पास अपराधियों ने केले के खेत में मवेशी व्यापारी मोहम्मद निसार आलम की गला रेतकर हत्या कर दी थी। दूसरे व्यापारी मोहम्मद बिनची का भी गला रेत दिया था, जो गंभीर रूप से जख्मी हो गया था। इलाज मायागंज अस्पताल में किया गया। वारदात के 4 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस अपराधियों को गिरफ्तार करने में नाकामयाब रही। जबकि घटना के बाद पुलिस ने जल्द ही मामले का खुलासे करने का दावा किया था। इस मामले में व्यापारियों के मोबाइल के कॉल डिटेल के आधार पर पुलिस की एक टीम खरीक और दूसरी टीम खगड़िया में भी छापेमारी की, लेकिन पुलिस के हाथ कुछ भी नहीं लगा। पुलिस को बैरंग वापस लौटना पड़ा। बुधवार को पुलिस ने दो संदिग्धों को उठाया था, जिन्हें पूछताछ के बाद छोड़ दिया। इनसे भी पुलिस को कुछ हासिल नहीं हो पाया।
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हिरासत में लिए गए दोनों संदिग्धों को पुलिस ने पूछताछ के बाद छोड़ा, छापेमारी जारी
वारदात के बाद से फरार अपराधी पुलिस के लिए बने चुनौती
एसडीपीओ प्रवेंद्र भारती के निर्देशन में पुलिस की टीमें गोपालपुर सहित आसपास के सीमावर्ती जिलाें में छापेमारी कर रही है। पुलिस अभी भी जल्द ही मामले का खुलासा करने का दंभ भर रही है। मोहम्मद निसार आलम की प|ी तमन्ना खातून के बयान पर प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है। तहकीकात का हवाला देकर पुलिस नामजद किए गए आरोपियों के नाम को गुप्त रखा हैं। सूत्रों की माने तो नामजद किए गए दोनों आरोपी लतरा गांव के बताए गए हैं, जो वारदात के बाद से फरार चल रहे हैं। जिनकी गिरफ्तारी पुलिस के लिए चुनौती बन गई है। गोपालपुर थानाध्यक्ष श्रीकांत भारती ने कहा कि अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

डीआईजी ने गठित की है एसआईटी, कॉल डिटेल पर वर्किंग शुरू
बीते मंगलवार को वारदात के बाद उसी दिन देर शाम नवगछिया एसपी के दफ्तर में डीआईजी विकास ने भी पुलिस अफसरों के साथ बैठक कर वारदात के खुलासे को लेकर एसपी निधि रानी के नेतृत्व में एसआईटी गठित की थी। उस दौरान डीआईजी ने दावा किया था कि पुलिस को हत्याकांड के कुछ महत्वपूर्ण क्लू हाथ लगे हैं, जिस पर पुलिस की वर्किंग शुरू हो गई है। कॉल डिटेल भी निकला जा रहा है। पुलिस जल्द ही हत्याकांड का खुलासा कर लेगी।
घटना का चश्मदीद है जख्मी मोहम्मद बिनची
इस घटना में मोहम्मद बिनची जो घटना का चश्मदीद है। उसने पुलिस को इशारे में घटना की जानकारी दी थी। गला कटने के कारण वह बोल पाने की स्थिति में नहीं है। इस घटना के खुलासे में जख्मी मोहम्मद बिनची का बयान मायने रखता है। वारदात में मवेशी व्यापारियों के पास अपराधियों ने 3 लाख की नकदी भी लूट ली थी। इसमें अहम सवाल यह है कि क्या व्यापरियों के पास वास्तव में 3 लाख रुपए की नकदी थी?। जबकि मवेशी व्यापारियों के बारे में यह बताया जाता है कि ऐसे व्यापारी अमूमन इतनी बड़ी रकम लेकर साथ नहीं चलते हैं। व्यापारी पहले मवेशी देखते हैं फिर उसका सौदा करते हैं। सौदा फाइनल होने के बाद पेशगी के रूप में रकम देते हैं। बाद में जब मवेशी को लेकर जाते हैं, तब उसकी पूरी पेमेंट करते हैं। वारदात के दिन व्यापारी के मोबाइल पर भैंस की खरीदारी के लिए फोन आया था और दोनों व्यापारी अपने गांव सधुवा से बाइक से चले थे। रास्ते में दोनों को किसी ने रोका था। इसके बाद वे अपनी बाइक लॉक कर उतरे थे और रोकने वाले से बात करते-करते कुछ दूरी पर केले की खेत की तरफ चले गए थे, जहां घटना घटी।

