नवगछिया : मैट्रिक परीक्षा की राज्य में छठा स्थान प्राप्त करने वाली नवगछिया के श्रीपुर गांव की अंशु के पिता छट्ठू सिंह दिहाड़ी मजदूर हैं और मां गृहणी है. अंशु रोज लगभग तीन किलोमीटर साइकिल चला कर अंशु पुनमप्रतापनगर हाई स्कूल पढ़ने जाती थी. अंशु ने बताया कि वह नौकरी करना नहीं चाहती है बल्कि स्वरोजगार से जुड़ कर लोगों को नौकरी देने की काबिलियत हासिल करना चाहती है. अंशु ने बताया कि उसकी सफलता में उसके माता पिता परिवार वाले और शिक्षकों की भूमिका है.
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वह गांव के शिक्षकों से भी ट्यूशन लेती थी और नियमित स्कूल जाती थी. अंशु ने कहा कि घर में कई तरह के काम रहते थे लेकिन उसके पिता और माता ने हमेशा उसे पढ़ने के लिये प्रेरित किया. पिता छट्ठू सिंह ने बताया कि वह अपनी पुत्री की सफलता से काफी खुश है.
उसकी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है फिर भी जहां तक संभव होगा वे अपनी पुत्री को आगे पढ़ाएंगी. माता जीरो देवी ने कहा कि वह पढ़ी लिखी नहीं है लेकिन इतना जानती है कि आज के समय में पढ़ाई करके ही लोग बड़े बन सकते हैं. अंशु अपनी दो बहनों और तीन भाइयों में सबसे छोटी है. मालूम हो कि अंशु ने 482 अंक प्राप्त किया है और उसका बिहार में छठा स्थान है.

