नवगछिया। झंडापुर थाना क्षेत्र के जयरामपुर गांव में महज 18 डिसमिल जमीन के विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। विवादित जमीन पर बाउंड्री निर्माण के लिए गड्ढा खोदने का विरोध करने के दौरान दो पक्षों में कहासुनी और गाली-गलौज के बाद मारपीट हो गई। आरोप है कि बीच-बचाव करने पहुंचे 80 वर्षीय बासुकी कुंवर को आरोपितों ने उठाकर ईंट पर पटक दिया। गंभीर चोट लगने के बाद वह अचेत हो गए और बाद में उनकी मौत हो गई।
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बासुकी कुंवर स्व. महावीर कुंवर के पुत्र थे। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है। परिजन शव को पोस्टमार्टम के लिए अनुमंडल अस्पताल लेकर पहुंचे हैं।
बाउंड्री के लिए गड्ढा खोदने से शुरू हुआ विवाद
मृतक के भाई नीलेश कुंवर ने बताया कि जयरामपुर गांव में करीब 18 डिसमिल यानी लगभग चार कट्ठा जमीन को लेकर दोनों पक्षों के बीच पहले से विवाद चल रहा था। आरोप है कि नामजद पक्ष विवादित जमीन पर बाउंड्री निर्माण की तैयारी कर रहा था और इसके लिए गड्ढा खोदा जा रहा था।

बासुकी कुंवर और उनके परिजनों ने गड्ढा खोदने का विरोध किया। इसी बात को लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। पहले कहासुनी हुई और फिर गाली-गलौज शुरू हो गई। स्थिति बिगड़ने पर परिजनों ने डायल-112 पर फोन कर पुलिस को सूचना दी।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कराया शांत
सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को समझाकर मामला शांत कराया। पुलिस ने दोनों पक्षों से जमीन से संबंधित कागजात लेकर थानाध्यक्ष के समक्ष प्रस्तुत होने को कहा।
इसके बाद नीलेश कुंवर, आशुतोष कुंवर के साथ झंडापुर थाना पहुंचे और घटना को लेकर आवेदन दिया। परिजनों के अनुसार, आवेदन मिलने के बाद पुलिस दोबारा विवादित स्थल पर पहुंची।
पुलिस की मौजूदगी में मारपीट का आरोप
नीलेश कुंवर ने आरोप लगाया कि पुलिस के दोबारा मौके पर पहुंचने के बाद भी विवाद नहीं थमा। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी दौरान नामजद लोगों ने पुलिसकर्मियों के साथ भी हाथापाई की।
परिजनों के अनुसार, इसी दौरान खंती से आशुतोष कुंवर के सिर पर वार कर उन्हें घायल कर दिया गया। आशुतोष को बचाने के लिए बासुकी कुंवर आगे आए। आरोप है कि इसी दौरान हमलावरों ने 80 वर्षीय वृद्ध को पकड़कर उठाया और ईंट पर पटक दिया।
गंभीर चोट लगने के बाद बासुकी कुंवर मौके पर ही अचेत हो गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। बाद में उनकी मौत हो गई।
मौत के बाद गांव में तनाव
परिजनों के अनुसार, जमीन को लेकर दोनों पक्षों में पहले से विवाद चल रहा था, लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि विवाद इतना बढ़ जाएगा कि एक बुजुर्ग की जान चली जाएगी। बासुकी कुंवर की मौत के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है।
परिजनों का कहना है कि जमीन विवाद का समाधान कानूनी तरीके से किया जा सकता था, लेकिन विवाद हिंसा में बदल गया और परिवार ने अपना सदस्य खो दिया।
पोस्टमार्टम के बाद आगे की कार्रवाई
घटना के बाद मृतक का शव पोस्टमार्टम के लिए अनुमंडल अस्पताल लाया गया। परिजन आरोपितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
फिलहाल पुलिस घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। जमीन के कागजात, दोनों पक्षों के बीच पुराने विवाद और मौके पर हुई मारपीट से जुड़े तथ्यों की जांच के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी। परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की भी पुलिस जांच कर रही है।
