जमीन विवाद में थाना क्षेत्र के सिमरिया गांव के किसान अवधेश मंडल की लाठी से पीट-पीटकर हत्या के बाद गांव में तनाव है। दरअसल, भूदान में मिली जमीन को लेकर पिछले पांच साल से गांव के दो पक्षों में विवाद चल रहा है। दोनों पर उस जमीन पर अपना दावा कर रहे हैं। मृतक किसान अवधेश मंडल की पत्नी लालो ने नवगछिया अस्पताल में बताया कि 10 वर्ष पूर्व मेरे ससुर दुखाय मंडल को भूदान में सरकार की ओर से 2.41 एकड़ जमीन मिली थी। ससुर के नाम से ही अब तक जमीन की रसीद कटाई जा रही है। लेकिन इस जमीन गांव के ही सच्चिदानंद मंडल अपना दावा कर रहे हैं।

इसी को लेकर उनसे विवाद चल रहा है। रविवार की दोपहर हम अपने पति के साथ जमीन की जुताई करने के लिए गए हुए थे। इसी दौरान आरोपी पक्ष के 10-12 लोग लाठी-डंडा लेकर पहुंचे। आरोपियों ने जमीन जोतने से मना किया। उन्होंने कहा कि यह जमीन हमारी है। इस पर पति ने कहा कि जमीन की रसीद मेरे पिता के नाम से कटाई जा रही है। इस पर पिछले 10 साल से हमारा कब्जा है। तो जमीन आपकी कैसे हुई। इसके बाद विवाद बढ़ा और आरोपियों ने लाठी-डंडे से हम पर हमला कर दिया। शनिवार को थाना में आयोजित जनता दरबार में अफसरों ने दोनों पक्षों के कागजात देखने के बाद पति को जमीन पर रबी फसल बुआई करने का आदेश दिया था।

भूदान की जमीन को लेकर दियारा में अब तक गिर चुकी हैं दर्जनों लाशें

बाढ़ का पानी घटने के साथ ही सैकड़ों एकड़ में फैली तीन टंगा दियारा में जमीन पर कब्जे को लेकर संघर्ष शुरू हो गया है। दियारा में एक कहावत है- जर, जोरू, जमीन जोर का, नहीं तो किसी और का। दियारा में बाढ़ का उतरने के साथ ही वर्ष जलकर और जमीन पर कब्जे को लेकर बंदूकें गरजने लगती हैं। तीन टंगा दियारा में भूदान की जमीन पर कब्जा जमाने को लेकर अब तक दर्जनों लाशें गिर चुकी हैं। विवाद की जड़ में दियारा में फैली सैकड़ों एकड़ की बिहार सरकार की वह जमीन है जिस पर दियारा के अापराधिक गिरोह और दबंगों की गिद्ध दृष्टि लगी हुई है।

दबंगों द्वारा स्थानीय दलालों एवं भूमि माफिया की मदद से बिहार सरकार की जमीन को भूदान कार्यालय द्वारा फर्जी तरीके से अपने नाम से आवंटित करवा लिया जाता है। इसके बाद स्थानीय अंचल कार्यालय के कर्मचारियों से पैसे के बल पर राजस्व रसीद भी प्राप्त कर लिया जाता है। सूत्रों की मानें तो एक ही जमीन को भूदान कार्यालय द्वारा कई लोगों को वितरित कर दिया जाता है। और फिर कब्जा को लेकर लाशें गिरती हैं। अगर गहराई से प्रशासन इस बिंदु पर जांच करे तो इस खेल का खुलासा हो सकता है। मगर भू माफियाओं की साठगांठ प्रशासन से लेकर उपर के बाबूओं तक है। इससे बिहार सरकार की जमीन को अवैध रूप से एवं फर्जी तरीके से कब्जा किया जा रहा है।

📲 Naugachia News WhatsApp Group Join करें
Join Now →

By न्यूज़ डेस्क

न्यूज़ को शेयर करे और कमेंट कर अपनी राय दे.....

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *