अनुमंडल कार्यालय के सभागार में मंगलवार को बिहार महिला विकास निगम की ओर से बाल विवाह एवं दहेज प्रथा के विरुद्ध राज्यव्यापी अभियान के अंतर्गत मुखिया के संवेदीकरण को लेकर कार्यशाला का आयोजन किया गया। अध्यक्षता एसडीओ मुकेश कुमार ने की। आयोजित कार्यशाला में एसडीपीओ प्रवेंद्र भारती, डीसीएलआर परमानंद साह ट्रेनर सूत्री वेली मौजूद थे।
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कार्यक्रम में अनुमंडल के विभिन्न पंचायत के मुखिया शामिल हुए। एसडीओ ने बताया कि बाल विवाह एवं दहेज प्रथा समाज में सबसे बड़ा अभिशाप है। कम उम्र में शादी करने से उस लड़की के जीवन के साथ उनका पूरा परिवार बर्बाद हो जाता है। कम उम्र में शादी होने से लड़कियां रोगग्रस्त हो जाती हैं। बच्चियों का मानसिक विकास भी अवरुद्ध हो जाता है।

कार्यशाला में बाल विवाह अधिनियम 2006 की जानकारी देते हुए एसडीओ ने बताया कि अगर कोई बाल विवाह करते हुए पाये जाते हैं तो वर पक्ष और वधू पक्ष दोनो पक्ष के लोग और बरात एव़ बैंड बाजा, टेंट, लाइट वालों को भी जेल जाना पड़ेगा। बाल विवाह और दहेज प्रथा के उन्मूलन के लिए कानून के साथ साथ सामजिक जागरुकता की भी जरूरत है।
एसडीओ ने कहा कि सभी मुखिया अपने अपने क्षेत्रों में होने वाले शादियों पर नजर रखेंगे और बाल विवाह की सूचना मिलते ही प्रशासन को अविलंब सूचित करें। वे दहेज वाले शादी का सामजिक बहिष्कार करें।

