नवगछिया : नारायणपुर प्रखंड के रामूचक बहियार स्थित एक खेत में एक दुर्लभ और विलुप्तप्राय प्रजाति का पक्षी ग्रेटर एडजुटेंट स्टॉर्क (बड़ा गरुड़) मृत अवस्था में पाया गया। यह घटना शुक्रवार दोपहर को ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बन गई। बताया जाता है कि क्षेत्र के ग्रामीण पशु चिकित्सक डॉ. संजीव कुमार जब बहियार की सैर पर निकले तो उन्होंने खेत में पड़े इस मृत पक्षी को देखा।
डॉ. कुमार ने प्राथमिक जांच में अनुमान जताया कि यह गरुड़ वृद्ध अवस्था का प्रतीत हो रहा है। पक्षी के शरीर पर किसी प्रकार की चोट या हमला किए जाने के निशान नहीं पाए गए हैं, जिससे संभावना जताई जा रही है कि इसकी मौत प्राकृतिक कारणों से हुई होगी।
इस संबंध में वरिष्ठ पक्षी विशेषज्ञ ज्ञानचंद्र ज्ञानी ने बताया कि नारायणपुर से लेकर पसराहा तक फैला गंगा-कोसी का विशाल तटवर्ती क्षेत्र स्थानीय और प्रवासी पक्षियों का प्रमुख चारागाह है। खासतौर पर गरुड़ प्रजाति के लिए यह इलाका बेहद उपयुक्त माना जाता है। ज्ञानी ने कहा कि दुर्लभ प्रजातियों का यहां दिखना इस क्षेत्र की जैव विविधता और पर्यावरणीय महत्व को दर्शाता है।

उन्होंने चिंता व्यक्त की कि यदि प्राकृतिक आवास और wetlands की रक्षा नहीं की गई तो इन पक्षियों की संख्या और भी तेजी से घट सकती है। उल्लेखनीय है कि ग्रेटर एडजुटेंट स्टॉर्क को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अत्यंत संकटग्रस्त (Endangered Species) की श्रेणी में रखा गया है और बिहार का यह इलाका इनके लिए एक सुरक्षित आवास माना जाता है।
ग्रामीणों ने प्रशासन और पर्यावरण विभाग से मांग की है कि इस तरह की घटनाओं पर विशेष ध्यान दिया जाए और पक्षियों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि आने वाले समय में क्षेत्र की पारिस्थितिकीय धरोहर को बचाया जा सके।

