प्रखंड के शहजादपुर पंचायत में बाढ़ पीड़ितों को मिलने वाली छह हजार रुपए की राशि के लिए बनाई गई सूची में भारी अनियमितता का मामला सामने आया है। इससे पीड़ितों में आक्रोश है। पंचायत के लोगों का कहना है कि 2017 में बनाई गई सूची के आधार पर ही राशि का भुगतान किया जा रहा है। इसे लेकर मुखिया रूपेश मंडल ने मुख्यमंत्री, बिहार आपदा विभाग, डीएम, जिला आपदा प्रबंधन शाखा को आवेदन देकर शिकायत की है।आवेदन में बताया गया है कि लगभग 13 हजार की आबादी वाली पंचायत में मात्र 1376 लोगों को वर्ष 2017 की सूची को आधार बनाकर इस वर्ष सहायता राशि दी गई है।
2017 की पुरानी सूची पर लाभ देने के कारण 542 बाढ़ पीड़ित परिवार सहायता राशि से वंचित रह गए हैं। आपदा पदाधिकारी सह सीओ रामजपी पासवान ने नए सिरे से सूची बनाना उचित नहीं समझा। पंचायत के मुखिया ने सीओ रामजपी पासवान से बचे लाभुकों के नाम सूची में शामिल करके लाभ देने का आग्रह किया तो सीओ ने मुखिया से कहा कि पटना से इंट्री बंद हो गया है। अब सहायता राशि नहीं मिल सकती है। मुखिया ने बताया कि किस आधार पर सीओ ने पुरानी सूची पर राशि दी है।

क्या उन्होंने यह जांचने का प्रयास किया की पूर्व की सूची में जिसका भी नाम है उसमें कौन जिंदा है या कौन मर गया है। बाढ़ पीड़ीत ग्रामीणों ने सीओ से लिस्ट में सुधार करने की मांग करते हुए वंचित परिवारों को राशि देने की मांग की है। ग्रामीणों ने कहा कि सहायता राशि नहीं मिलने पर वे अंचल कार्यालय में धरना-प्रदर्शन करेंगे। जब सीओ का पक्ष जानने के लिए उनके मोबाइल पर फोन किया तो मोबाइल आउट ऑफ रेंज था। अकबरनगर यूको बैंक में बाढ़ राहत राशि निकालने के लिए काउंटर पर लगी भीड़।
यूको बैंक में राहत राशि की निकासी को उमड़ी भीड़
अकबरनगर। इंग्लिश चिचरौन, किसनपुर व श्रीरामपुर सहित अन्य गांवों में बाढ़ राहत के तहत मिलने वाली राशि को निकालने के लिये सोमवार को पूरे दिन बैंकों में भीड़ लगी रही। अकबरनगर गांव के कई वार्डो में सरकार द्वारा बाढ़ राहत कोष से सभी बाढ़ पीड़ितों को छह छह हजार रुपये की राशि मिलने लगी है।


