खरीक : प्रखंड में कोसी नदी अब उग्र रूप धारण कर चुकी है। पिछले कई दिनों से प्रखंड के सिंहकुंड गांव में रुक-रुककर हो रहे कटाव की रफ्तार गुरुवार को तेज हो गया और देखते ही देखते बीएसएफ जवान सहित 10 लोगों के घर नदी में समा गए।
वहीं दर्जनों घर कोसी के मुहाने पर हैं, जो कभी भी कटाव की भेंट चढ़ सकते हैं। जिनके घर कट गए उनमें बीएसएफ जवान नीतेश राय, शैलेन्द्र राय, नरेंद्र राय, मंगल राय, बब्बन राय, वेदानंद राय, कमलेश राय, कुंवर राय सहित अन्य लोगों शामिल हैं। सभी पीड़ित परिवार आसमान के नीचे किसी तरह जीवन यापन कर रहे हैं। कटाव पीड़ितों ने बताया कि अब तक हमलोगों को स्थानीय प्रशासन की ओर से कोई सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई है। हमलोगों की जिंदगी बदतर हो गई है।
कोसी ने घर लील ली और बारिश ने खुले आसमान का भी सहारा छीन लिया। ऐसे में हमलोग जुगाड़ सिस्टम के भरोसे पड़ोसियों के सहारे किसी तरह जिंदा हैं। कई पीड़ित परिवार के अधिकांश सदस्य रिश्तेदारों के यहां चले गए। गांव की भौगोलिक स्थिति ही ऐसी है कि अब कहीं भी सुरक्षित ठिकाना नहीं बचा है। पुरुष तो किसी तरह जिंदगी काट ले रहे हैं। किन्तु, ऐसी विषम परिस्थिति में महिलाओं पर शौच से लेकर सोने तक के लिए क्या गुजरता होगा, इसे तो बिना बताए समझा जा सकता है।

इस संबंध में खरीक के सीओ अनिल भूषण ने बताया कि सिंहकुंड में कोसी कटाव से 10 लोगों के घर नदी में विलीन होने की सूचना मिली है। सभी पीड़ित परिवारों को चिह्नित करने के लिए राजस्व कर्मचारी को निर्देश दिया गया है। शीघ्र ही सभी पीड़ित परिवारों को सरकारी प्रावधान के अनुसार सहायता मुहैया कराई जाएगी।

