नवगछिया : विक्रमशिला सेतु और पथ पर मंगलवार को एक बार फिर लोगों को दोपहर बारह बजे से देर रात तक भयानक जाम का सामना करना पड़ा. सेतु और सेतु पथ पर ट्रकों की लंबी कतार लग गयी थी तो सेतु पथ का ब्रांच रोड भी जाम की जद में था. इस दौरान यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा. भागलपुर से नवगछिया चार चक्का या तीन चक्का से आने जाने में लोगों को तीन से चार घंटे तक का समय लग रहा था तो मोटरसाइकिल चालक भी जाम में फंस जा रहे थे. पुलिस से मिली जानकारी के करण जाम लगने का कारण दोपहर बारह बजे से नवगछिया से भागलपुर जाने वाले ट्रकों के लिए नो इंट्री लगा दी गयी थी.
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पुलिस कर्मियों ने कहा कि जिला प्रशासन से निर्देश था कि भागलपुर में मंगलवार को वाहनों की अत्यधिक आवाजाही है इसलिए नवगछिया से भागलपुर आने वाले ट्रकों पर नो इंट्री लगाना आवश्यक है. नो इंट्री लगते ही ट्रकों की लंबी कतार पहले सेतु पथ पर लगना शुरू हुआ और देखते ही देखते विक्रमशिला सेतु भी जाम से पूरी तरह प्रभावित हो गया. शाम पांच बजे तक नो इंट्री समाप्त कर दिया था लेकिन पुल व सेतु पथ पर तब तक जाम की स्थिति इनती भयावह हो चुकी थी कि यह पूरी तरह से अनियंत्रित थी. परवत्ता, इस्माइलपुर और बरारी थाना पुलिस द्वारा शाम ढलते ही जाम को समाप्त करने का हर संभव प्रयास किया लेकिन कोई फायदा नहीं. देर शाम आठ बजे तक सेतु व पथ दोनों भयानक जाम की जद में थे.


यात्री हुए परेशान, पैदल ही किया पुल को पार
जाम के दौरान खास कर यात्री काफी परेशान रहे. दोपहर से ही बड़ी संख्या में यात्री पैदल ही पुल को पार करने के लिए विवश हुए. कई यात्री अपने बच्चों और भारी भरकम सामानों के साथ पुल पार कर रहे थे. अधिकांश लोगों को जाम का कारण समझ में नहीं आ रहा था. पैदल पुल पार कर जाह्नवी चौक अपने परिवार के साथ पहुंचे कुर्सेला निवासी सुरेश सहनी ने कहा कि प्रशासन यातायात को लेकर तनिक भी सजग नहीं है. वे पुल पर आने के वक्त यह पता लगाते रहे कि आखिर जाम क्यों लगा था.
इस बात की उन्हें ठोस जानकारी नहीं मिल पायी. पूर्णियां निवासी अभिषेक कुमार ने कहा कि बिहार में कोई भी यातायात का नियम नहीं है. सब कुछ भगवान भरोसे रहता है. हर हालत में भुगतना जनता को ही पड़ता है. परवत्ता थानाध्यक्ष राघव कुमार ने कहा कि जाम को समाप्त करने में पुलिस बल दोपहर बाद से ही लगे हुए हैं. देर शाम तक यातायात निर्बाध था.
