जिले के 125 स्कूल बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। इन स्कूलों में पढ़ाई तो नहीं ही होगी, वहां के शिक्षक भी दूसरे स्कूलों में अपनी उपस्थिति बनायेंगे। जिले के विभिन्न प्रखंडों के करीब 125 से अधिक स्कूलों में पानी घुस गया है या फिर चारों ओर पानी से घिर गया है। इन स्कूलों के शिक्षकों को अब पास के स्कूल में जाना होगा।
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प्रखंड के बीईओ शिक्षकों को बतायेंगे कि वे किन स्कूलों में जायें और उपस्थिति बनायें। वहां की सुविधा को देखते हुए बीईओ शिक्षकों को यह निर्देशित करेंगे। इसमें शिक्षकों के भी जाने की सुविधा देखी जायेगी।

जिला शिक्षा पदाधिकारी संजय कुमार ने कहा कि सबौर, रंगरा, इस्माइलपुर, नवगछिया, सुल्तानगंज आदि प्रखंडों में कई स्कूलों में पानी घुस गया है। वहां के शिक्षकों को स्कूलों में पहुंचने में काफी परेशानी हो रही है। कई नाव से जा रहे हैं तो कई स्कूल में तो इतना पानी है कि जाने की स्थिति भी नहीं है। इसमें शिक्षकों के लिए जाना खतरा बना हुआ है। इसलिए ऐसा निर्णय लिया गया है। फिलहाल शहर के दो स्कूलों मारवाड़ी पाठशाला और नाथनगर के महाशय ड्योढ़ी विद्यालय को बाढ़ राहत कैंप में बदला गया है।

