जाह्नवी घाट का सफर बना जानलेवा, बढ़ते गंगा जलस्तर से सड़क कटी; पानी में फिसलकर गिर रहे यात्री
नवगछिया। विक्रमशिला सेतु बंद होने के बाद जाह्नवी गंगा घाट से जहाज के जरिए भागलपुर जाने वाले यात्रियों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। गंगा के जलस्तर में वृद्धि के कारण जाह्नवी घाट जाने वाली अस्थायी सड़क पर पानी का दबाव बढ़ गया है। कई जगह सड़क कटने और फिसलन बढ़ने से यात्रियों को जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ रहा है।
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रविवार को जलस्तर बढ़ने के साथ जाह्नवी गंगा घाट के निचले हिस्से में पानी और फैल गया। स्थिति यह रही कि घाट पर बनाए गए अस्थायी पुलिस कैंप में भी पानी प्रवेश कर गया। प्रशासन की ओर से अस्थायी सड़क पर डाली गई बालू भरी बोरियों के ऊपर भी कई जगह पानी बहने लगा है।
भींगी बोरियों पर फिसलकर पानी में गिर रहे यात्री
बालू भरी बोरियों के भीग जाने से रास्ते पर फिसलन काफी बढ़ गई है। यात्रियों के अनुसार, कई लोग फिसलकर पानी में गिर चुके हैं और कुछ को चोट भी लगी है। क्षतिग्रस्त सड़क पर ईंट के टुकड़े, कीचड़ और जमा पानी ने मुश्किल और बढ़ा दी है।

घाट तक पहुंचने वाले यात्रियों को कई स्थानों पर पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। जलस्तर लगातार बढ़ने के कारण हर दिन रास्ते की स्थिति बदल रही है।
‘अब दोबारा इस रास्ते से यात्रा नहीं करेंगे’
रामसी की यात्री रश्मिप्रिया ने कहा कि जाह्नवी घाट से होकर यात्रा करना बेहद मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि अब वह दोबारा इस रास्ते से यात्रा नहीं करेंगी, क्योंकि यह सफर जानलेवा बन गया है।
रंगरा के मनोरंजन ने बताया कि हाईलेवल सड़क से नीचे उतरते ही यात्रियों की परेशानी शुरू हो जाती है। पानी लगातार बढ़ रहा है। पैदल पानी में चलने से कपड़े भीगने के साथ पैरों में चोट लगने का खतरा बना रहता है।
वहीं रामसी के ऋषभ ने मुख्यमंत्री से मांग की कि विक्रमशिला सेतु को कम से कम पैदल आवाजाही के लिए खोलने पर विचार किया जाए। उन्होंने पानी कम होने के बाद पीपा पुल लगाने की भी मांग की।
दो ट्रैक्टर, यात्रियों की संख्या ज्यादा
यात्रियों के अनुसार, घाट पर आवागमन के लिए फिलहाल दो ट्रैक्टर की व्यवस्था है, जबकि यात्रियों की संख्या काफी अधिक है। ऐसे में सभी यात्रियों को ट्रैक्टर पर जगह नहीं मिल पाती। ट्रैक्टर से इस खराब रास्ते पर यात्रा करना भी जोखिम भरा बताया जा रहा है।
जमा पानी से दुर्गंध, बीमारी का भी खतरा
घाट और रास्ते के आसपास कई दिनों से पानी जमा रहने के कारण अब दुर्गंध भी उठने लगी है। यात्रियों का कहना है कि गंदे और जमा पानी के कारण जलजनित बीमारियों का खतरा भी बढ़ रहा है।
प्रशासन की ओर से यात्रियों की सुविधा के लिए लगातार व्यवस्था सुधारने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन गंगा के बढ़ते जलस्तर और तेज बहाव के कारण अस्थायी इंतजाम टिक नहीं पा रहे हैं। यात्रियों की मांग है कि घाट तक सुरक्षित आवागमन और जहाज तक पहुंचने के लिए स्थायी एवं सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था जल्द की जाए।
