नवगछिया : संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ भीमराव अंबेडकर संदेश यात्रा सोमवार को नवगछिया पहुच कर संपन्न हुई. संदेश यात्रा शुक्रवार को नारायणपुर प्रखंड के रायपुर गांव से निकली थी. सोमवार को खरीक शुरुआत यात्रा खरीक के अठनियां गांव से शुरू हुआ. नवगछिया बाजार के वैशाली चौक पर नुक्कड़ सभा के साथ संपन्न हुआ. यात्री दल का नेतृत्व कर रहे गौतम कुमार प्रीतम ने कहा कि यह यात्रा भागलपुर के विभिन्न प्रखंडों से होते हुए 31 दिसंबर को भागलपुर के अंबेडकर चौक पहुंचेगा.
मंगलवार की सुबह सबौर प्रखंड से यात्रा के चौथे दिन की शुरुआत होगी. उन्होंने कहा कि संविधान बनाने के बाद डॉ. भीमराव अंबेडकर ने कहा था जॉन स्टुअर्ट मिल की उस चेतावनी को ध्यान में रखना जो उन्होंने उन लोगों को दी है. जिन्हें प्रजातंत्र को बनाए रखने में दिलचस्पी है. अर्थात अपनी स्वतंत्रता को एक महानायक के चरणों में भी समर्पित न करें या उस पर विश्वास करके उसे इतनी शक्तियां प्रदान न कर दें कि वह संस्थाओं को नष्ट करने में समर्थ हो जाए. भारत में भक्ति या नायक, पूजा उसकी राजनीति में जो भूमिका अदा करती है.

उस भूमिका के परिणाम के मामले में दुनिया का कोई देश भारत की बराबरी नहीं कर सकता. धर्म के क्षेत्र में भक्ति आत्मा की मुक्ति का मार्ग हो सकता है परंतु राजनीति में भक्ति या नायक पूजा पतन और अंतत: तानाशाही का सीधा रास्ता है. आज मनुवादी शक्तियों ने भाजपा आरएसएस के नेतृत्व में केन्द्र की सत्ता पर कब्जा कर लिया है और हिंदू राष्ट्र बनाने का शोर मचाया जा रहा है. संविधान और सामाजिक न्याय पर हमला किया जा रहा है. समाज व राज पर मनुवादी शक्तियों का शिकंजा कसने के साथ ही दलितों, अतिपिछड़ों, पिछड़ों, आदिवासियों, अल्पसंख्यकों व महिलाओं पर जुल्म-दमन बढ़ गया है. जाति भेदभाव व सांप्रदायिक नफरत चरम पर है.
सत्ता में आने के बाद भाजपा वाले संविधान बदलने की बात कर रहे हैं. मनुवादी गिरोह दिल्ली में संसद के नजदीक संविधान की प्रति जला रहे हैं. आरक्षण और दलितों के खिलाफ नारा लगा रहे हैं. केन्द्र सरकार आरक्षण को कमजोर करने, खत्म करने की साजिश कर रही है. मनुवादी शक्तियां आरक्षण के खिलाफ दुष्प्रचार कर रही है। देश व संविधान बचाने के लिए भाजपा आरएसएस को भगाना ही होगा. लोकतंत्र और सामाजिक न्याय के लिए मनुवादी शक्तियों के सरगना और देशी-विदेशी पूंजीपतियों के दलाल नंबर-1 भाजपा आरएसएस को खदेड़ना होगा. मौके पर यात्री दल का नेतृत्व कर रहे गौतम कुमार प्रीतम के साथ अंजनी विशू, विभूति कुमार, मिथलेश कुमार, संजीव कुमार, दीपक पासवान, सोनम कुमार, सुरज कुमार, मो सद्दाम अहमद, राशिद, श्याम सक्सेना, कुणाल कुमार, नसीब रविदास, अशोक दास, संतोष दास अन्य कई लोग मौजूद थे.


