बिहार की मिताली ने अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी किलिमंजारो को फतह कर लिया। मिताली पटना विश्वविद्यालय के राजनीति विज्ञान विभाग की छात्रा है। मिताली ने तंजानिया के यूनिक अफ्रीका टूर एंड सफारीज में अप्लाई किया था। सारी योग्यता पररख ने के बाद 27 मार्च से 2 अप्रैल तक आयोजित इस अभियान में भाग लेने का मौका मिला।
Total Downloads: 116
तंजानिया में स्थित किलिमंजारो की ऊंचाई 5895 मीटर की है और यह दुनिया की दुर्गम चोटियों में जाना जाता है। मिताली ने इससे पहले भी पर्वतारोहण में कई रिकॉर्ड स्थापित किए हैं। उसके पिता साधु शरण प्रसाद नालंदा जिले के कतरी सराय प्रखंड के मायापुर के रहने वाले हैं। सामान्य परिवार से आने वाली मिताली ने हाल ही में पटना विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर किया है। उसने नेहरू इंस्टीट्यूट आफ माउंटेनियरिंग से प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद कंचनजंघा और हिमालय की आंगधूरा चोटी को भी फतह करने का गौरव प्राप्त किया है। अभियान में जाने से पहले मिताली को आयुर्वेदाचार्य डॉ सुनील कुमार दुबे ने कुछ आर्थिक सहयोग प्रदान किया था। पूरे अभियान के दौरान 350000 खर्च आए।

पटना यूनिवर्सिटी की छात्रा ने अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी फतह की
बिहार की मिताली ने अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी किलिमंजारो को फतह कर लिया। मिताली पटना विश्वविद्यालय के राजनीति विज्ञान विभाग की छात्रा है। मिताली ने तंजानिया के यूनिक अफ्रीका टूर एंड सफारीज में अप्लाई किया था।
पैसे की कमी से मिताली को मशक्कत करनी पड़ी थी
मिताली को इस अभियान में पैसे की कमी से काफी मशक्कत करनी पड़ी थी। पर्वतारोहण से पहले मिताली ने हिन्दुस्तान के साथ एक खास बातचीत में कहा था कि उसे आपेक्षिक सहयोग नहीं मिलने से अभियान के लिए जाने में कठिनाई आ रही है। हालांकि तमाम मुश्किलों को मात देकर बिहार की बेटी ने अपने गृह जिले नालंदा और पटना विश्वविद्यालय का नाम रोशन किया। पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ के संयुक्त सचिव राजा रवि ने मिताली की सफलता पर बधाई दी है। राजा रवि ने इसे पटना विश्वविद्यालय और बिहार की बड़ी उपलब्धि बताया है।

