गुरमीत राम रहीम को कोर्ट से सजा मिलने की खबर के बाद बिहार निवासी और वर्तमान में पंजाब के लुधियाना में रहने वाली युवती का हौसला बढ़ा और उसने छोटी बहन के साथ मिलकर बिहार के ‘दुष्कर्मी बाबा’ खोल दी पोल। सामने आया चौंकाने वाला खुलासा।
दरअसल दुष्कर्म पीड़िता बहनों ने जो पत्र मुख्यमंत्री को लिखकर बताया है वह रोंगटे खड़ा कर देने के लिए काफी है। पीड़िता बहनों के अनुसार सैकड़ों ऐसी लड़कियां हैं जो विश्व कबीर मंच के अंतर्राष्ट्रीय बाल ब्रह्मचारी बाबा संत बाबा साहेब के दुष्कर्म की शिकार हुई है। अब जबकि दोनों बहनों के हौसले की वजह से दुष्कर्मी बाबा सलाखों के पीछे हैं तो चर्चा इस बात की हो रही है कि अन्य पीड़िताएं भी सामने आयेंगी और दुष्कर्मी बाबा ने जो कबीर मठ की आड़ में तीन-तीन आश्रम संचालित कर पाप का साम्राज्य कायम कर रखा था, उसका भंडाफोड़ होगा। दुष्कर्मी बाबा के गुनाहों की लंबी फेहरिस्त है। यह तय माना जा रहा है कि गहरायी से जांच हो तो कई चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं। बहरहाल दोनों पीड़िता बहनों के हौसले की लोग तारीफ कर रहे हैं।
बाबा से प्रभावित होकर 2009 में बन गयी थी साध्वी
पीड़िता बहनों के अनुसार वह मधुबनी जिले के फुलपरास थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली हैं। उसका पूरा परिवार पंजाब के लुधियाना शहर में रहता है। उनके पिता का वहां बिजनेस है। संत बाबा साहेब का परिचय उनके पिता से हुआ और वे दोनों उनके करनैल सिंह नगर स्थित आश्रम में आने-जाने लगी। पूरा परिवार बाबा का ऐसा भक्त था कि पीड़िता के घर का आधा हिस्सा सत्संग भवन के रूप में बदल दिया गया। यही नहीं बाबा से प्रभावित होकर दोनों बहनें साल 2009 में साध्वी बन गयीं और बाबा के साथ देश के विभिन्न हिस्से में प्रवचन के लिए बाबा के साथ जाने लगी। बाबा के प्रवचन के दौरान दोनों बहनें भजन गाया करती थी।

2010 में छोटी बहन बनी बाबा की शिकार
संत बाबा साहेब अपने पैतृक गांव सुपौल जिला के मरौना थाना क्षेत्र के पंचभिण्डा के साथ-साथ मधुबनी जिला के फुलपरास, पंजाब के लुधियाना और नेपाल में भी आश्रम का संचालन करता था। बाबा ने जब जुलाई 2010 में पहली बार छोटी बहन के साथ दुष्कर्म किया था तब वह महज 15 साल की थी। उसके बाद संत बाबा लगातार यौन शोषण करता रहा। खास यह था कि दुष्कर्म के बाद छोटी बहन का वीडियो भी बाबा द्वारा बनाया गया और खामोश रहने की धमकी भी दी। कहा गया कि मुंह खोलने पर पूरे परिवार की हत्या करा दी जायेगी।
2016 में बड़ी बहन बनी बाबा की हवस की शिकार
27-28 फरवरी 2016 को मरौना के पंचभिण्डा में विशाल सत्संग का आयोजन हुआ था। इसमें भाग लेने दोनों बहनें पूरे परिवार के साथ आश्रम पहुंची थी। सत्संग समाप्ति के दो दिन बाद देर रात संत बाबा साहेब ने बड़ी बहन को अपने कमरे में पैर दबाने के बहाने बुलाया और फिर दुष्कर्म किया। चोरी-छिपे दुष्कर्म की वीडियो रिकॉर्डिंग भी बाबा ने कर ली और कहा कि अगर किसी को कुछ बताया तो वीडियो को वायरल कर दिया जायेगा। साथ ही एकमात्र भाई की हत्या की भी धमकी दी गयी। डरी-सहमी बड़ी बहन ने भी खामोश रहना ही मुनाबिस समझा।
सैकड़ों लड़कियां हो चुकी है शिकार
पीड़िता बड़ी बहन की मानें तो दर्जनों लड़कियों का नाम लेकर और अश्लील वीडियो दिखाकर बताया था कि वह सब उसके साथ हमबिस्तर हो चुकी हैं। बाबा ने यह भी कहा था कि दर्जनों लड़कियां हैं जो काफी बड़े घराने की है और पढ़ी लिखी हैं लेकिन किसी ने आजतक उसका विरोध नहीं किया है। बाबा ने यह भी कहा था कि उसका संबंध बड़े-बड़े नेताओं और अपराधियों से है। इसलिए उसका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता है। बाबा के ऊंचे राजनीतिक रसूख की प्रत्यक्षदर्शी दोनों पीड़िता बहनें डर के मारे चुप रही और लगातार यौन शोषण की शिकार होती रही। चर्चा है कि पुलिस अगर संत बाबा दास को रिमांड पर लेकर सख्त पूछताछ करे तो मामले में सनसनीखेज खुलासा हो सकता है और बाबा की काली करतूत सबके सामने आ सकती है।
राम-रहीम को हुई सजा तो मिला हौसला
हैरानी की बात यह है कि दोनों बहनें बाबा का शिकार बनती रही और खामोश बनी रही। लेकिन बाबा राम रहीम को कोर्ट द्वारा सजा सुनाये जाने की खबर अखबार में पढ़ने के बाद बड़ी बहन का हौसला बढ़ा और उसने अपनी छोटी बहन से दुराचारी बाबा की करतूत की कहानी सुनायी। जब छोटी बहन ने बताया कि वह भी 8 साल से बाबा के यौन शोषण का शिकार हो रही है तब दोनों बहनों ने बाबा के खिलाफ मोर्चा खोलने का फैसला लिया। इसके बाद राष्ट्रपति, पीएमओ कार्यालय, मानवाधिकारी आयोग, राष्ट्रीय महिला आयोग, मुख्यमंत्री से लेकर राज्य के वरीय पुलिस पदाधिकारी को पत्र लिख डाला। पीड़िता अपने पत्र में लिखती हैं कि ‘मैं और मेरी बहन का जीवन बर्बाद हो गया’। वह लगातार लड़कियों का यौन शोषण कर रहा है। मुझे लगा कि मैंने हिम्मत नहीं किया तो पाप होगा और न जाने कितनी लड़कियों की जिंदगी नरक बन जायेगी। दुराचारी संत वेश में रावण स्वरूप बाबा साहेब का वध होना ही चाहिए। शिकायत के बाद वह सुकून महसूस कर रही है।
विदेश भागने की फिराक में था संत बाबा
दुराचारी बाबा को अपने ऊपर कस रहे शिकंजे की भनक लग गयी थी। लिहाजा वह नेपाल के रास्ते विदेश भागने की तैयारी में था। आरोपित बाबा साहेब की गिरफ्तारी के लिए एसपी द्वारा गठित विशेष टास्क फोर्स में शामिल पुलिस की मानें तो अगर 10 मिनट भी देरी होती तो वह नेपाल सीमा में घुस जाता और नेपाल के रास्ते चीन जा सकता था। शिकायत मिलने के तुरंत बाद एसपी मृत्युंजय चौधरी ने महिला थाध्यक्ष प्रेमलता भूपाश्री को एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया और निर्मली एसडीपीओ बैद्यनाथ सिंह के नेतृत्व में आनन-फानन में टास्क फोर्स का गठन कर दिया। बिना वक्त गंवाए टास्क फोर्स ने संत बाबा साहेब को मधुबनी जिला के फुलपरास स्थित कबीर आश्रम से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की मानें तो बाबा आश्रम से पासपोर्ट और अन्य जरूरी दस्तावेज लेकर निकल गया था। पुलिस को देखते ही वह तेजी से भागने लगा लेकिन पुलिस टीम ने खदेड़कर उसे दबोच लिया। एसपी मृत्युंजय चौधरी ने बताया कि मामले में चार्जशीट दायर कर स्पीडी ट्रायल चलाकर आरोपी बाबा को जेल से बाहर निकलने के पहले सजा दिलायी जायेगी


