जमुई: शुक्रवार को एक दम से खबर उड़ी कि जमुई के लाल ने कमाल कर दिया है। जिले का नाम रोशन कर दिया है और अब वो सेना में कैप्टन बनेगा। सीडीएस परीक्षा पास कर ली है। इसके बाद मीडियाकर्मी उसके घर का रुख करने लगे। देर शाम को उसने जल्दी जल्दी सबको अपनी झूठी सफलता की कहानी बता दी लेकिन शनिवार को जब मीडियाकर्मी उसका पूरा इंटरव्यू लेने पहुंचे, तो पता चला कि खबर झूठी है। उसके द्वारा गुमराह किया जा रहा है।
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पत्रकार को झांसा देकर किया गुमराह
11 जनवरी को गांव में पार्टी के लिए कई लोगों को दे चुका था आमंत्रण
मामला जमुई के प्रखंड के सिझौड़ी गांव का है, जहां एक युवक ने फ्राडगिरी में एक नायाब नमूना पेश किया है। अपनी फ्राडगिरी में इस युवक ने फिल्म मुन्ना भाई एमबीबीएस को भी मात दे दी है। दरअसल, सिझौड़ी गांव निवासी किशोर रावत के सिरफिरे पुत्र प्रदीप जायसवाल ने सीडीएस यानि कंबाइंड डिफेंस सर्विसेस की परीक्षा में सफलता अर्जित कर कैप्टन बनने की झूठी अफवाह फैलाकर आम लोगों के साथ पत्रकारों को भी गुमराह कर दिया।
सिरफिरे युवक की झूठी अफवाह की कहानी तब सामने आई जब शनिवार को कुछ पत्रकारों की टीम उसके घर सिझौड़ी पहुंचकर उससे पूछताछ की। युवक से पत्रकारों ने सीडीएस की परीक्षा पास कर कैप्टन बनने की बात जब पूछी तो युवक हकलाते हुए कहा कि किसी ने उसे फोन कर सीडीएस की परीक्षा पास करने बात कही थी। इसके बाद वह अपने स्वजनों को गुमराह कर अन्य लोगों के बीच झूठी अफवाह फैलाकर खुशियां बांटनी शुरू कर दी।

बताया जाता है कि इस झूठी खुशी में युवक 11 जनवरी को गांव में पार्टी के लिए कई लोगों को आमंत्रण भी दे चुका था। हालांकि, पत्रकारों ने सफलता से संबंधित पत्र की जब मांग की तो युवक अपनी बातों में उलझा कर झूठी कहानी रचना शुरू कर दिया। कुल मिलाकर युवक की झूठी कहानी सामने आने पर गांव के ग्रामीणों में खुशी की जगह आक्रोश पनप उठा। मौजूद कई ग्रामीणों का कहना था कि प्रदीप ने न सिर्फ अपने स्वजनों और पत्रकारों को गुमराह किया है, बल्कि गांव समाज को भी बदनाम कर दिया
