बिहार के किसी भी नगरीय निकाय में कोई प्रतिष्ठान खोलने के लिए आगामी दिनों में ट्रेड लाइसेंस लेना होगा। फिलहाल राज्य में ऐसे लाइसेंस जारी करने की कोई नीति ही नहीं है। कई निकाय अपने स्तर से कुछ तरीका अपनाए हुए हैं, लेकिन वे भी सिर्फ कागजों तक सीमित हैं। अब राज्य सरकार ने इसकी नीति का मसौदा तैयार कराया है। इसमें प्रावधान किया जा रहा है कि व्यापारी वही व्यवसाय कर पाएंगे जिसका उन्होंने लाइसेंस लिया हो। यह लाइसेंस निकायस्तर पर जारी किए जाएंगे, किंतु उनकी प्रक्रिया एक होगी। नीति निर्धारण के बाद विभाग लाइसेंस लेने की प्रक्रिया को ऑनलाइन भी करेगा।

बिहार नगर पालिका अधिनियम 2007 की धारा 342 में यह व्यवस्था है कि उसके अधिकार क्षेत्र वाले हिस्से में कोई भी व्यवसाय करने के लिए संबंधित निकाय की अनुमति अनिवार्य है। बिना ट्रेड लाइसेंस लिए किसी भी परिसर को गैर आवासीय प्रयोग के लिए उपयोग करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। अधिनियम निर्माण को एक दशक से भी अधिक समय बीतने पर भी राज्य में कोई ट्रेड लाइसेंस नीति नहीं बन सकी। नतीजा यह हुआ कि राज्यभर के सभी नगरीय निकायों में लोगों ने मनचाहे ढंग से प्रतिष्ठान खोल लिए। आवासीय क्षेत्रों का धड़ल्ले से व्यावसायिक प्रयोग किया जा रहा है।

नगर विकास एवं आवास विभाग ने बिहार नगरपालिका व्यवसाय अनुज्ञप्ति (मॉडल) विनियमावली 2018 तैयार कर 10 दिन में सुझाव देने को सभी निकायों को भेजी गई थी। जो एकाध सुझाव आए, उन्हें समाहित कर लिया गया। नीति तैयार कर वित्त विभाग को भेजी गई है। विधि विभाग से सहमति प्राप्त कर इसे कैबिनेट में रखा जाएगा। इसके लागू होने से निकायों की आय में काफी बढ़ोतरी होगी।

यह होगी आवेदन प्रक्रिया

निर्धारित प्रारूप पर सौ रुपये की प्रोसेसिंग फीस के साथ मुख्य नगरपालिका पदाधिकारी के समक्ष आवेदन करना होगा। परिसर के स्वामित्व या लीज अथवा किरायानामा, पहचान पत्र और फीस भुगतान का प्रमाण देना होगा। संबंधित स्थल के प्रयोग से कम से कम 30 दिन पूर्व आवेदन देना होगा। आवेदन की तिथि पर ही कागजों की जांच के आधार पर कंडीशनल लाइसेंस जारी किया जाएगा। सत्यापन के बाद 45 दिन के अंदर उसे स्वीकृत या अस्वीकृत करने की प्रक्रिया प्रस्तावित की गई है।

विभाग को नहीं पता प्रतिष्ठानों की संख्या

कोई नीति नहीं होने का नतीजा यह है कि नगर विकास एवं आवास विभाग के पास इसका कोई आंकड़ा नहीं है कि राज्य में कुल कितने प्रतिष्ठान हैं। यह आंकड़ा नगर निकायों के पास भी नहीं है। पटना नगर निगम के अपर नगर आयुक्त (राजस्व) आलोक कुमार का कहना है कि अभी निगम के पास प्रतिष्ठानों का कोई आंकड़ा नहीं है। सरकार से स्वीकृति मिलने के बाद ट्रेड लाइसेंस जारी किये जाएंगे।

📲 Naugachia News WhatsApp Group Join करें
Join Now →

By न्यूज़ डेस्क

न्यूज़ को शेयर करे और कमेंट कर अपनी राय दे.....

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *