रिलायंस समूह के चेयरमेन अनिल अंबानी आखिरकार गिरफ्तारी से बच गए हैं. गिरफ्तारी वारंट पर रोक लगाने के लिए उनकी ओर से जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में सूद समेत रकम जमा कराया गया. जिसके बाद गिरफ्तारी वारंट के आदेश पर रोक लग गई है.
जिला एवं सत्र न्यायधीश की अदालत में शनिवार को रिलायंस समूह के चेयरमेन अनिल अंबानी की ओर से मुआवजा की राशि 18 लाख 83 हजार रूपये के बदले सूद समेत 30 लाख 72 हजार रुपये का चेक जमा कराया गया. चेक जमा करने के बाद आदेश को रोक दिया गया है.

इससे पूर्व जिला जज मधेपुरा मनमोहन शरण लाल ने अनिल अंबानी के खिलाफ मुआवजा राशि जमा नहीं करने के कारण गिरफ्तारी आदेश जारी किया था. इस आदेश के विरूद्ध चेयरमेन अनिल अंबानी की ओर से उच्च न्यायालय पटना में अपील संख्या 712/2018 दाखिल किया गया था.
साथ ही एक इंटर लोकेटरी आवेदन 6288/2018 दाखिल किया था, जिसमें इसी 20 अगस्त को उच्च न्यायालय ने गिरफ्तारी वारंट रोकते हुए मुआवजे की सम्पूर्ण राशि न्यायालय में जमा करने का आदेश दिया था. जिसके बाद शनिवार को प्रभारी जिला जज अशोक कुमार गुप्ता (प्रथम अपर जिला जज) ने गिरफ्तारी वारंट के आदेश पर रोक लगा दिया.
पीड़ित के अधिवक्ता श्यामानंद गिरी ने जानकारी बताया कि उच्च न्यायालय ने अगले आदेश तक दावाकर्ता को मुआवजा भुगतान पर रोक लगाने का आदेश दिया था, जिसे निचली अदालत ने बरकरार रखा था.



