बिहार एक बार फिर कोरोना की गिरफ्त में हैं। तीसरी लहर में नए केस मिलने की रफ्तार दूसरी लहर से काफी तेज है। इस बार बिहार का R वैल्यू 4 के ऊपर है, यानी यहां कोरोना विस्फोट होना तय है। यही वजह है कि बीते 17 दिनों में कोरोना के नए केसेज 5 हजार गुना तेजी से बढ़े हैं। रविवार को यह आंकड़ा 5,000 पार कर गया। जबकि, 24 दिसंबर को 10 नए केस सामने आए थे। पटना AIIMS के नोडल पदाधिकारी डॉ. संजीव कुमार के अनुसार, बिहार में तीसरी लहर का पीक 24 से 26 जनवरी के बीच आएगा। इसमें रोजाना 20,000 नए मामले आ सकते हैं।
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सवाल – बिहार में संक्रमण का पीक कब तक आ सकता है?
जवाब- बिहार का R-Value 4.55 यानी एक व्यक्ति 4 से अधिक लोगों को संक्रमित कर रहा है। ऐसे में हम यह मान रहे हैं कि बिहार में तीसरी लहर का पीक 24 से 26 जनवरी के बीच आएगा। यह समय करीब 2 हफ्ते बाद का है। नेशनल लेवल पर भी तीसरी लहर का पीक 20 से 25 जनवरी के बीच आने की आशंका जाहिर की गई है।
सवाल – बिहार में जब पीक होगा, तब रोजाना कितने मरीज आ सकते हैं?
जवाब – इसका कोई पक्का अनुमान तो नहीं लगाया जा सकता है। वजह यह है कि लोग इस बार कोरोना संक्रमण को लेकर बहुत सीरियस नहीं दिख रहे हैं। लोग जांच नहीं करा रहे हैं। ऐसे में पक्के आंकड़े आ पाना मुश्किल है। लोग यह मान बैठे हैं कि तीसरी लहर के लक्षण बर्दाश्त किए जा सकते हैं और इसके लिए जांच कराने की जरूरत नहीं है। यही सोच हमारे लिए बड़ी परेशानी बन सकती है, क्योंकि इसकी वजह से संक्रमण दर तेजी से बढ़ेगी। लोग संक्रमित होने के बावजूद न तो जांच करा रहे हैं और न ही आइसोलेट हो रहे हैं। वह बाहर निकल रहे हैं अपना काम कर रहे हैं। ऐसे में संक्रमितों की संख्या बिहार में और तेजी से बढ़ने की पूरी संभावना है। अनुमान के मुताबिक, जब बिहार में कोरोना पीक पर होगा तो रोजाना करीब 18 से 20 हजार मामले आ सकते हैं।

