बिहार में सुशासन की पोल खोलने वाली तश्वीरें एक के बाद एक सामने आ रही हैं. देश की आधी आबादी की अस्मिता का ख्याल सुशासन बाबू की पुलिस कितना खयाल रखती है इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि सहरसा में लबे सड़क स्कूल जाने वाली छात्रा का दुपट्टा खींच लिया जाता है. सीर्फ इतना ही नहीं विरोध करने पर उस छात्रा को जमीन पर पटक दिया जाता है.
प्रदेश में हाल के दिनों में महिलाओं के खिलाफ अपराध की घटनाएं बढ़ी हैं. खासकर छेड़छाड़ और दुष्कर्म की घटनाओं से बिहार शर्मसार हो रहा है. अपराध करने वाले घृणित मानसिकता के लोग पहले छेड़छाड़ करते हैं फिर उसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड कर दे रहे हैं. नालंदा, गया, मधुबनी, कैमूर, जहानाबाद के बाद सोमवार को एक और वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें स्कूली छात्रा के साथ आधा दर्जन युवक छेड़खानी करते दिख रहे हैं.


प्रदेश के सीएम नीतीश कुमार महिलाओं की सुरक्षा को लेकर ढ़िलाई न बरतने की चेतावनी देते हैं, लेकिन उनकी चेतावनी का मखौल उनकी ही पुलिस उड़ते नजर आती है. सीएम नीतीश के महिला सशक्तिकरण की परिभाषा को स्थानिय पुलिस ठेंगा दिखा रही है. महिलाओं की सुरक्षा के लिए हेल्पलाईन तो जारी कर दिया गया है परंतु सुरक्षा की गारंटी नहीं है. पुलिस मुकदमा तो दर्ज कर लेती है लेकिन कार्रवाई सिफर ही होती है. महिला सुरक्षा अब महज सिर्फ एक चुनावी स्टंट बनकर ही रह गई है


