भागलपुर: सुल्तानगंज के अजगैवीनाथ धाम में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट परियोजना को लेकर बड़ी प्रगति हुई है। एयरपोर्ट निर्माण की दिशा में अब पर्यावरणीय मंजूरी की प्रक्रिया तेज हो गई है। परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार कर रही भारत सरकार की कंपनी राइट्स लिमिटेड (RITES Ltd.) ने पर्यावरण प्रभाव आकलन (EIA) और पर्यावरण प्रबंधन योजना (EMP) तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
राइट्स लिमिटेड की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, भागलपुर के सुल्तानगंज और सारण के सोनपुर में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट परियोजनाओं के लिए व्यापक पर्यावरणीय अध्ययन कराया जाएगा। इसके लिए केवल NABET (नेशनल एक्रिडिटेशन बोर्ड फॉर एजुकेशन एंड ट्रेनिंग) से मान्यता प्राप्त विशेषज्ञ एजेंसियों से तकनीकी प्रस्ताव आमंत्रित किए गए हैं।
चयनित एजेंसी परियोजना के पर्यावरणीय और सामाजिक प्रभावों का वैज्ञानिक अध्ययन करेगी। इसके आधार पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर सरकार को सौंपी जाएगी, जिसके बाद आगे की मंजूरी प्रक्रिया पूरी होगी।

परियोजना के तहत सबसे पहले टर्म्स ऑफ रेफरेंस (ToR) और प्री-फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार कर केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय को भेजी जाएगी। मंत्रालय की विशेषज्ञ समिति इन दस्तावेजों की समीक्षा कर विस्तृत अध्ययन के लिए दिशा-निर्देश जारी करेगी।
इसके बाद स्वीकृत ToR के आधार पर ड्राफ्ट EIA, EMP, सामाजिक प्रभाव आकलन (SIA) और पर्यावरणीय प्रभावों को कम करने की कार्ययोजना तैयार की जाएगी। इस प्रक्रिया में यात्री एवं कार्गो यातायात अध्ययन, भू-तकनीकी जांच, टोपोग्राफिकल सर्वे, साइट केएमएल और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण की प्री-फिजिबिलिटी रिपोर्ट जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों का उपयोग किया जाएगा।
अध्ययन के दौरान वायु गुणवत्ता, ध्वनि प्रदूषण, यातायात दबाव, जल निकासी व्यवस्था, स्थानीय विरासत स्थलों तथा आसपास के समुदायों पर पड़ने वाले प्रभावों का भी विस्तृत आकलन किया जाएगा। साथ ही पर्यावरणीय नुकसान को कम करने के लिए आवश्यक उपाय भी सुझाए जाएंगे।
परियोजना की मंजूरी प्रक्रिया में जनसुनवाई भी एक महत्वपूर्ण चरण होगा। इसमें स्थानीय लोगों और संबंधित पक्षों की राय, सुझाव एवं आपत्तियां दर्ज की जाएंगी। जनसुनवाई के बाद तैयार अंतिम रिपोर्ट पर्यावरण मंत्रालय को भेजी जाएगी, जिस पर विशेषज्ञ मूल्यांकन समिति अंतिम निर्णय के लिए अपनी अनुशंसा देगी।
अधिकारियों के अनुसार, पर्यावरणीय मंजूरी की पूरी प्रक्रिया को निर्धारित मानकों के तहत पूरा करने में लगभग 265 दिनों का समय लग सकता है। यदि सभी चरण समय पर पूरे होते हैं, तो सुल्तानगंज ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट परियोजना के निर्माण का रास्ता काफी हद तक साफ हो जाएगा।

