इस बार सावन2020 में सोमवार का अद्भुत संयोग बन रहा है। छह जुलाई सोमवार को सावन की शुरुआत होगी और तीन जुलाई सोमवार को इसका समापन होगा। इस दौरान पांच सोमवार पड़ेगा। बूढ़ानाथ मंदिर के पंडित चंद्रकांत झा ने बताया कि सावन छह जुलाई से शुरू हो रहा है।


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इसके बाद दूसरी सोमवारी 13, तीसरी 20, चौथी 27 व पांचवीं सोमवारी तीन अगस्त को है। तीन अगस्त को सावन का समापन होगा। इसी दिन पूर्णिमा है और बहन अपने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधेंगे। प्रात: 8.30 बजे से लेकर रात्रि 8.20 मिनट तक बहन अपने भाइयों को राखी बांध सकेंगे। उन्होंने बताया कि सावन में बारिश होने का योग है। साथ की गृह प्रवेश आदि शुभ कार्य होंगे।

तीन कृष्ण पक्ष व दो शुक्ल पक्ष में होगा व्रत

जगन्नाथ मंदिर के पुजारी पंडित सौरभ कुमार मिश्रा ने बताया कि इस बार सावन में पांच सोमवारी का व्रत होगा। जिसमें तीन कृष्ण पक्ष व दो शुक्ल पक्ष में होगा। उन्होंने बताया कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार श्रावण माह में भगवान शिव की पूजा, महामृत्युंजय मंत्र जाप व अभिषेक आदि करने से प्राणी सभी प्रकार के बाधा व रोग से मुक्त हो जाते हैं।

श्रद्धालुओं की संख्या में आयेगी कमी

कोरोना संक्रमण के कारण इस बार सावन में श्रद्धालुओं की संख्या में काफी कमी आने की संभावना है। अजगैबीनाथ मंदिर के महंथ प्रेमानंद गिरी की मानें तो कोरोना के कारण छत्तीसगढ़, राजस्थान, महाराष्ट्र, यूपी आदि जगहों के श्रद्धालुओं में काफी कमी आयेगी। अभी देवघर मंदिर भी नहीं खुला है। इसलिए 30 जून के बाद ही इसपर कुछ कहा जा सकता है।

मंदिर में लाइट की व्यवस्था की जा रही है। श्रद्धालुओं के बीच दूरी बनाने के लिए घेरा की व्यवस्था की जायेगी। बूढ़ानाथ मंदिर के प्रबंधक बाल्मिकी सिंह ने बताया कि धार्मिक न्यास बोर्ड की तरफ से सिर्फ श्रद्धालुओं को दर्शन की अनुमति मिली है। सावन को लेकर कोई निर्देश नहीं आया है। मंदिर को सेनिटाइजर कराने के साथ श्रद्धालुओं को सोशल डिस्टेंसिंग के साथ ही मंदिर में प्रवेश की अनुमति मिलेगी।

By न्यूज़ डेस्क

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