बिहार कृषि विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे मुख्य अतिथि डॉक्टर प्रेम कुमार को छात्रों ने मुख्य गेट से अंदर नहीं घुसने दिया जिसके कारण उन्हें वापस लौट जाना पड़ा।
छात्रों ने वर्षों से बिहार सरकार द्वारा नियुक्ति नहीं किए जाने के विरोध में यह प्रदर्शन किया। छात्रों की मांग थी कि हर साल समय से नियुक्ति कराई जाए। इसमें उन लोगों को यानी बिहार के छात्रों को आरक्षण भी दिया जाए। सुबह करीब 10:00 बजे से लड़के मुख्य गेट पर पहुंच गए और जैसे ही कृषि मंत्री बीएयू के गेस्ट हाउस से कृषि विश्वविद्यालय जाने लगे मुख्य गेट पर छात्रों ने गेट बंद कर उनके खिलाफ नारा लगाने लगे और उनका विरोध प्रदर्शन करने लगे।


इस दौरान बीएयू के कुलपति ने आकर उन्हें काफी समझाया लेकिन छात्र नहीं माने और कृषि मंत्री को नहीं जाने दिया। अंततः कृषि मंत्री अतिथिगृह वापस लौट गए। इधर कृषि मंत्री से पूछने पर उन्होंने बताया कि नियुक्ति एक प्रक्रिया के अनुसार होती है।

पिछले दिनों बड़ी संख्या में पदों पर नियुक्ति की गई थी और आगे भी की जाएगी। छात्रों को इस बात को समझना चाहिये। हालांकि छात्रों का कहना था कि उन लोगों ने पहले भी कई बार आवेदन कृषि मंत्री को दिया है लेकिन उस पर कोई सुनवाई नहीं हुई जिसका भी विरोध कर रहे हैं।

