बिहार में उद्योग लगने के साथ अब इसको दिलाने के नाम पर ठगी भी शुरू हो गई है। भागलपुर और पूर्णिया में कई मामले सामने आ गए हैं। जीएम उद्योग विभाग संजय कुमार वर्मा ने बताया कि भागलपुर और पूर्णिया में कई मामले सामने आ रहे हैं। जहां मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना में अप्लाई करने वाले लोगों को योजना दिलाने के नाम पर ठग लिया गया है। ऐसे में भागलपुर और पूर्णिया में कई लोगों ने मुझे लिखित शिकायत की थी। वहीं कई लोगों फोन कर इसकी जानकारी दी। भागलपुर में तो कई ठगों पर एफआईआर करवाया गया है। वहीं पूर्णिया में इसकी तैयारी की जा रही है।

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शातिर शबीर द्वारा मांगी गई राशि को यूपीआई से भेजी गई। इसमें 5000 रुपया अजरुद्दीन ने भेजा है।
शातिर शबीर द्वारा मांगी गई राशि को यूपीआई से भेजी गई। इसमें 5000 रुपया अजरुद्दीन ने भेजा है।

पूर्णिया के अजरुद्दीन से शातिर रकीब ने ठगे 5000 रुपए

जिला उद्योग केंद्र में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना में अप्लाई करने वाले अजरुद्दीन से 5000 रुपये योजना दिलाने के नाम पर ठग लिए गए हैं। उद्योग विभाग से जानकारी मिली है कि 5 अप्रैल को अजरुद्दीन नामक युवक को शातिर मो.रकीब ने 5000 का चुना लगा दिया। अजरुद्दीन ने ऑनलाइन पमेंट शातिर मो.रकीब को किया। इसके बाद शिकायत उद्योग विभाग पहुंची। मामले पर जीएम ने कहा कि जांच करवाई जा रही है। दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

भागलपुर में कई शातिर ठगों पर एफआईआर दर्ज, पूर्णिया में तैयारी

जीएम उद्योग विभाग भागलपुर और पूर्णिया संजय कुमार वर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना दिलाने के नाम पर कई लोगों ने शितायक की है कि कमीशन के साथ रुपयों का डिमांड किया जा रहा है। कई लोगों से तो योजना की राशि का 10 प्रतिशत कमिशन का डिमांड किया जा रहा है। ऐसे में जो भी युवा या युवती अप्लाई किए हैं, उनको साफ तौर पर कहा जा रहा है कि किसी भी बिचौलिए का कोई दाल नहीं गलने वाला है। योजना का लाभ एकदम फेयर लोगों को मिलेगा। भागलपुर में शिकायत मिलने पर कई लोगों पर एफआईआर दर्ज करवाया गया है। पूर्णिया में कई लोगों का लिस्ट तैयार कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

क्या मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना, कैसे मिलता है लाभ

इस योजना के अंतर्गत सभी वर्ग के युवाओं को उद्यम शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। जिसके लिए उनको 10 लाख रुपए तक का ऋण प्रदान किया जाता है। इसके अलावा सरकार द्वारा योजना की कुल लागत का 50% या अधिकतम ₹500000 तक का अनुदान भी मिलता है। बांकी 500000 रुपए पर लाभार्थी को 1% ब्याज देना पड़ता है।

By न्यूज़ डेस्क

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