भागलपुर से हवाई उड़ान उतना आसान नहीं है। क्योंकि यहां पर सुरक्षा कारण व आधारभूत सुविधाओं की कमी है। यह बात राइप एयरलाइंस की ओर से बताया गया है। राइप एयरलाइंस के सीईओ अंकित कुमार ने बताया कि 3 मई को हम लोग विमान सेवा शुरू करने को लेकर ट्रायल करने वाले थे, लेकिन सुरक्षा कारणों को ध्यान में रखते हुए और एयरपोर्ट पर आधारभूत सुविधाओं की कमी के कारण परमिशन नहीं मिला। हम लोग जल्द ही परमिशन को लेकर प्रयासरत हैं। ताकि भागलपुर से फिर से विमान सेवा शुरू हो सके।
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23 अप्रैल को राइप एयरलाइंस की टीम ने भागलपुर एयरपोर्ट का किया था सर्वेक्षण
सीईओ अंकित कुमार ने बताया कि 23 अप्रैल 2022 को राइप एयरलाइंस की सर्वेक्षण टीम ने भागलपुर एयरपोर्ट का सर्वेक्षण किया। सर्वेक्षण टीम ने पाया कि रनवे की लंबाई हवाई जहाज उतारने के लिए ठीक है। हमने प्रयास किया कि यहां हवाई जहाज उतार कर ट्रायल किया जाए, लेकिन सुरक्षा कारणों को ध्यान में रखते हुए एवं एयरपोर्ट पर आधारभूत सुविधाओं की कमी के कारण 3 मई को ट्रायल करने का परमिशन नहीं मिला। चूंकि उक्त दिनांक को कुछ महत्वपूर्ण पर्व भी है, अतः इस दृष्टिकोण से यह दिनांक राइप एयरलाइंस के डायरेक्टर विजेंद्र कुमार मिश्रा द्वारा निर्धारित किया गया था, लेकिन इतने कम समय में हमें परमिशन मिलने में परेशानी हुई। फिर भी राइप एयरलाइंस कोशिश कर रही है. कि यथाशीघ्र कागजी प्रक्रियाओं को पूरा करते हुए माननीय सांसद अजय कुमार मंडल के निर्देशन में भागलपुर में हवाई परिचालन शुरू करने की कोशिश की जाए।
1975-76 में कलिंगा एयरलाइंस के 36 सीटर विमान शहर से भरते थे उड़ान
1975 व 76 में भागलपुर के हवाई अड्डा से 36 सीटर विमान उड़ान भरते थे। कलिंगा एयरलाइंस के विमान सुबह 8 बजे कोलकाता से उड़ान भरते थे और सुबह 9.30 बजे भागलपुर पहुंचते थे। फिर यहां से सुबह 9.40 बजे पटना, मुजफ्फरपुर, रक्सौल होते हुए पटना से वापस शाम 5 बजे भागलपुर आते थे। फिर यहां से यात्री काे लेकर कोलकाता शाम 6.30 बजे पहुंचते थे। भागलपुर में कलिंगा एयरलाइंस की फ्रेंचाइजी झुनझुनवाला एयरलाइंस ने ले रखी थी। दाे साल के बाद दोनों एयरलाइंस में मतभेद हाेने से हवाई सेवा बंद हाे गई। इसके बाद अब तक नहीं शुरू हाे सकी।

