कोरोना वायरस से निपटने के चक्कर में लोगों ने जमकर विटामिन सी की गोलियों का सेवन किया, लेकिन लोग विटामिन डी यानी धूप का सेवन करना भूल गये। इसका परिणाम यह हुआ कि विटामिन डी के शिकार भागलपुरवासियों की न केवल हड्डियां कमजोर हो रहीं, बल्कि वे हड्डी रोगों से परेशान भी हो रहे हैं।

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े इस बात की गवाही दे रहे हैं कि बीते साल की तुलना में इस साल ज्यादा संख्या में जिलेवासियों की हड्डियां ज्यादा कमजोर हुईं। इससे लोगों को जोड़ों में दर्द से लेकर विटामिन डी की कमी से होने वाले रोगों का सामना करना पड़ा और उन्हें अस्पतालों तक की दौड़ लगानी पड़ी। कोरोना जब जिले में पीक पर था तो उस वक्त लोग कोरोना से निपटने के लिए जमकर विटामिन सी की गोलियों का सेवन कर रहे थे। भागलपुर केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के महासचिव प्रशांत लाल ठाकुर ने बताया कि अप्रैल से जून माह के बीच भागलपुर थोक बाजार से करीब 25 लाख रुपये की विटामिन सी की गोलियां बिक गयी थीं। ये आंकड़े तो सिर्फ थोक बाजार के हैं। अगर इसमें पहले से ही फुटकर दुकानों में उपलब्ध रही विटामिन सी की गोलियों को शामिल कर लिया जाये तो आंकड़ा लाखों रुपये में पहुंच जायेगा।

25.03 प्रतिशत बढ़े हड्डी के बीमार

सरकारी अस्पतालों के जांच घरों के आंकड़े बताते हैं कि बीते साल की तुलना में इस साल विटामिन डी की कमी के बीमारों की संख्या 25.03 प्रतिशत तक बढ़ी है। मई से जुलाई 2020 के बीच सदर और मायागंज अस्पताल में 4372 लोगों की जांच में 1282 लोगों में विटामिन डी, विटामिन बी 12 की कमी पायी गयी थी। जबकि इस साल 5364 लोगों की जांच हुई तो 1603 लोगों में विटामिन डी व विटामिन बी 12 की कमी पायी गयी। जो कि बीते साल की तुलना में 25.03 प्रतिशत ज्यादा है।

हड्डी के बीमारों में 15 प्रतिशत तक इजाफा

मायागंज अस्पताल के हड्डी रोग विभाग के ओपीडी में बीते तीन माह में हड्डी के मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है। हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. कन्हैयालाल बताते हैं कि हड्डी रोग के बीमारों की संख्या में करीब 15 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है। इस समय ओपीडी में हर रोज औसतन 175 से 200 मरीज इलाज के लिए आ रहे हैं। इनमें से ज्यादातर मरीज विटामिन डी की कमी से होने वाले रोग रिकेट्स, ऑस्टियोमलेशिया और ऑस्टियोपोरोसिस का शिकार होकर आ रहे हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में पोस्ट कोविड मरीज जोड़ों में दर्द व बुजुर्ग घुटने की दर्द की समस्या के साथ इलाज के लिए आ रहे हैं। डॉ. कन्हैया लाल ने बताया कि कोरोना संक्रमणकाल में लॉकडाउन लागू होने के कारण लोग अपने-अपने घर में रहे। अनलॉक के बावजूद लोग घर से निकलने से परहेज करते रहे। ऐसे में धूप न मिलने के कारण न केवल लोगों में विटामिन डी की कमी हुई, बल्कि उन्हें जोड़ों का दर्द जैसी बीमारियों का भी सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा पोस्ट कोविड मरीजों में भी ज्वाइंट पेन की समस्या ज्यादा पायी जा रही है। यही कारण रहा कि कोरोना संक्रमणकाल के बाद हड्डी के बीमारों की संख्या जिले में ज्यादा हो गयी है।

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By न्यूज़ डेस्क

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