भागलपुर : कोलकाता से विदेशी सैलानियों को लेकर मुंगेर जा रहा पांडवा टूरिस्ट जहाज मंगलवार को बरारी गंगा घाट के पास ही आकर फंस गया. गंगा के तल पर गाद भरने से जहाज को बरारी घाट होकर आगे जाने में काफी परेशानी हुई.

वहीं जब जहाज ने नवगछिया तट होकर आगे जाने की कोशिश की, तो पुल की ऊंचाई कम होने के कारण जहाज आगे नहीं बढ़ पाया. बता दें कि बरारी घाट के पास पुल की ऊंचाई अधिक है, इस होकर ऊंचे जहाज बीते वर्ष में आसानी से पार होते थे.

लेकिन बरारी घाट समेत शहर के सभी गंगा घाट में पानी की धार समाप्त हो चुकी है. जिससे जहाज के परिचालन में समस्या आ रही है. केंद्रीय जलमार्ग प्राधिकरण के उप निदेशक प्रशांत कुमार का कहना है कि जिले के गंगा बेसिन में गाद के सर्वे का काम शुरू किया जाएगा. पूर्व में जिस रास्ते से होकर जहाज का परिचालन होता था.

उस रास्ते पर जमे गाद की ड्रेजिंग कर इसे हटाया जायेगा. मामले पर जिला वन पदाधिकारी एस सुधाकर का कहना है कि डाॅल्फिन अभ्यारण्य में गाद हटाने का प्रस्ताव मिलेगा तो ड्रेजिंग के लिये जरूरी उपाय किये जा सकते हैं. बता दें कि सुलतानगंज में बन रहे गंगा ब्रिज ने पिलर निर्माण के लिये वन विभाग से अनुमति मांगी है.

नदी के तल पर गाद भरने से जहाज को बरारी घाट होकर आगे जाने में हो रही थी परेशानी
नवगछिया तट होकर आगे जाने पर कम मिली पुल की ऊंचाई

राष्ट्रीय जलमार्ग का हिस्सा है जिले का गंगा बेसिन
प्रधानमंत्री ने 15 दिन पहले बनारस में पोर्ट का उद्‍घाटन कर बनारस व कोलकाता हल्दिया के बीच नौ परिवहन को हरी झंडी दी थी. ऐसे में जिले के गंगा बेसिन में गाद भरने और दूसरी धार पर विक्रमशिला सेतु की ऊंचाई कम होने से इस महत्वाकांक्षी परियोजना में अड़ंगा लग सकता है. ज्ञात हो कि छोटे व मंझोले साइज के जहाज के परिचालन के लिए कम से कम चार मीटर की गहराई जरूरी है. वहीं चौड़ाई 35 मीटर होनी चाहिये.

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By Rishav Mishra Krishna

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