नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की टीम ने पुलिस के साथ संयुक्त रूप से छापेमारी कर सोमवार की देर रात 370 किलो गांजा की खेप पकड़ी है। इसके साथ हरियाणा व मधुबनी के रहने वाले तीन गांजा तस्करों को भी गिरफ्तार किया गया है। जीरोमाइल थान से थोड़ी दूर बायपास टोल प्लाजा के पास ट्रक में नारियल के बीच छिपाकर रखे गांजा के पैकेट को जब्त किया गया। मंगलवार को गांजा और उसके साथ पकड़े गये तस्करों को इशाकचक थाना लाया गया।
नारकोटिक्स की पटना यूनिट के इंटेलिजेंस अधिकारी धीरज कुमार ने बताया कि इस मामले में आगे की जांच की जा रही है और जल्द ही और तस्करों का पकड़ा जा सकता है। इस मामले में भागलपुर में ही नारकोटिक्स के विशेष कोर्ट में एनसीबी केस दर्ज कराया जाएगा। बुधवार को गिरफ्तार तस्करों को कोर्ट के समक्ष पेश किया जायेगा।
विशाखापत्तनम से गांजा की खेप सुपौल लेकर जा रहे थे तस्कर
गांजा तस्करों ने बताया कि गांजा विशाखापत्तनम से लेकर आ रहे थे और उसकी डिलीवरी सुपौल के सिमराही में होनी थी। विशाखापत्तनम में उस वाहन में नारियल लादा गया जिसके बीच गांजा के पैकेट रखे गये। गांजा सुपौल जाना था जबकि नारियल को दरभंगा में अनलोड किया जाना था। गांजा तस्करी की सूचना एनसीबी की पटना यूनिट को हो गयी थी। ट्रक झारखंड के रास्ते बिहार आयी। झारखंड से बिहार में प्रवेश करने के बाद से ही एनसीबी की नजर तस्करों पर थी और यहां आते ही उन्हें दबोच लिया गया।

स्कॉर्पियो से स्कॉर्ट करते हुए आ रहे थे तस्कर, एक भागा
गांजा लदे ट्रक को स्कॉर्पियो में बैठे तस्कर स्कॉर्ट करते हुए आ रहे थे। इसके लिए गोविंद ने मधुबनी से ही स्कॉर्पियो भाड़े पर लिया था जिसे अशोक चला रहा था। एनसीबी ने जब ट्रक और स्कॉर्पियो को रोका तो तीन पकड़े गये पर राजेंद्र नाम का एक व्यक्ति स्कॉर्पियो लेकर भाग निकलने में सफल रहा। अशोक का कहना है कि राजेंद्र के साले की ही स्कॉर्पियो गाड़ी थी और उसी के कहने पर वह भी विशाखपत्तनम गया था।
इनकी हुई गिरफ्तारी
मधुबनी जिले के लडनिया थाना क्षेत्र के महता गांव के वार्ड नंबर एक का रहने वाला गोविंद ही गांजा लेकर आ रहा था। उसने बताया कि वह मधुबनी के ही मेघराज के लिए काम करता है और प्रत्येक ट्रिप के पहुंचा देने पर उसे 50 हजार रुपये मिलते हैं।
मधुबनी जिले के ही ललमनिया थाना क्षेत्र की बीरपुर पंचायत के रहने वाले अशोक यादव ने बताया कि वह उस स्कॉर्पियो का चालक है, जिसे गोविंद ने भाड़े पर लिया था और विशाखापत्तनम गया था।
इंदर पाल हरियाणा के पलवल जिले के हसनपुर थाना क्षेत्र के टप्पा बिलुचपुर गांव का रहने वाला है। इंदर पाल ही गांजा लदे ट्रक का चालक था। उसने बताया कि वह वाहे गुरु ट्रांसपोर्ट कंपनी के लिए काम करता है। ट्रक का रजिस्ट्रेशन पंजाब का है।
मेघराज सालों से कर रहा धंधा, गोविंद जैसे 100 से ज्यादा एजेंट उसके पास
गांजा की खेप पकड़े जाने के बाद गोविंद ने बताया कि वह मधुबनी के बीरपुर के रहने वाले मेघराज के लिए काम करता है। अभी तक मेघराज के गांजा का चार से ज्यादा ट्रिप सही जगह पर पहुंचाने की बात उसने कही है। प्रत्येक ट्रिप के लिए उसे 50 हजार मिलते हैं। उसने बताया कि मेघराज नेपाल में छिपकर रहता है और वहीं से गांजा की तस्करी का गिरोह चलाता है। नारकोटिक्स के अधिकारी ने बताया कि गोविंद 2019 में भी 766 किग्रा गांजा के साथ पकड़ा जा चुका है।
जीरोमाइल ही मुख्य रास्ता और ठहराव, हिन्दुस्तान में एक दिन पहले ही छपी थी खबर
गांजा और शराब तस्करी का मुख्य रास्ता जीरोमाइल थाना क्षेत्र से ही गुजरता है और वहां पर भी कई गांजा तस्कर सक्रिय हैं। इसे लेकर एक दिन पहले ही 12 अक्टूबर को हिन्दुस्तान में प्रमुखता से खबर प्रकाशित हुई थी। खबर में बताया गया था कि जीरोमाइल से होकर ही गांजा और शराब की बड़ी खेप न सिर्फ भागलपुर लायी जा रही, बल्कि दूसरे जिलों में भी भेजी जा रही है। जीरोमाइल चौक के पास से कई गांजा तस्कर गांजा के साथ पकड़े जा चुके हैं। अभी भी फतेहपुर इलाके में कई गांजा तस्कर सक्रिय हैं और बड़ी खेप रात के अंधेरे में यहां पहुंच रही है।


