भागलपुर, एक बार फिर भागलपुर के रास्ते पानी के जहाज से कारोबार के उम्मीदों की उड़ान भरने के दिन बहुरने लगे हैं। कई दशकों से भागलपुर के रास्ते गंगा नदी के जरिये माल ढुलाई का कारोबार बंद था। लेकिन बीते तीन माह से एक बार फिर भागलपुर की गंगा के रास्ते कारोबार होना शुरू हो गया। शुक्रवार को भी मानिक सरकार आदमपुर से गुजरी गंगा नदी से एक ओडीसी (ओवर डाइमेंशन कार्गों) गुजरते हुए दिखी।
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अभी गंगा में जल ज्यादा, इसलिए आदमपुर से होकर गुजरा
भारतीय जलमार्ग प्राधिकरण से जुड़े एक वरीय पदाधिकारी ने बताया कि कोलकाता से भागलपुर, पटना, वाराणसी वाया मिर्जापुर के लिए एक ओवर डाइमेंशन कार्गो चल रहा है। भागलपुर में इस कार्गो को मेन गंगा से होकर ही मिर्जापुर-वाराणसी तक जाना है। शुक्रवार को इसलिए यह कार्गों आदमपुर के पीछे स्थित गंगा नदी से गुजरा, क्यूंकि यहां पर गंगा का जलस्तर ज्यादा और नवगछिया की तरफ विक्रमशिला पुल का एयर ड्रॉप कम है। भविष्य में मुख्य गंगा मार्ग के जरिये ही मालवाहक जहाज यूपी से कोलकाता के बीच चलेंगे। इसको लेकर पुल के नीचे ड्रेजिंग करके पुल का एयर ड्रॉप ज्यादा किया जायेगा।


अभी फिलहाल एक कार्गो ही माल को ढुलाई करके ले जा रहा है। अगर मांग बढ़ी तो मालवाहक जहाजों की संख्या बढ़ेगी। गौरतलब हो कि करीब पांच दशक पहले तक गंगा के जरिये हर माह करोड़ों रुपये की माल की ढुलाई की जाती थी। लेकिन बदलते वक्त के साथ धीरे-धीरे मालवाहक जहाजों का संचालन बंद हो गया। बाद में भागलपुर में संचालित भारतीय जलमार्ग प्राधिकरण के कार्यालय को भी बंद करके उसे साहेबगंज, झारखंड शिफ्ट कर दिया गया
