अब शराब स्मगलरों के ठिकानों का पता लगाएंगे खोजी कुत्ते। तस्कर या कारोबारी अब कहीं भी शराब छिपाकर रखेंगे तो, पुलिस उसका आसानी से पता लगा लेगी। साल के अंत तक भागलपुर जिले को शराब और नारकोटिक्स (नशीला पदार्थ) को सूंघने वाले खोजी श्वान मिलेंगे। फिलहाल बिहार पुलिस के 20 खोजी श्वान हैदराबाद में ट्रेनिंग ले रहे हैं। इन्हीं में एक या दो खोजी श्वान के भागलपुर आने की संभावना है। इन खोजी श्वानों की मदद से छिपाकर लाई जाने वाली शराब व अन्य नशीले पदार्थ का आसानी का पता चल जाएगा। बिहार में शराब बंदी लागू होने के बाद माफियाअों ने शराब की तस्करी का ट्रेंड बदल लिया है। इससे खोजी श्वानों का ऐसा दस्ता तैयार किया जा रहा है, जो विशेष रूप से शराब और मादक पदार्थ को सूंघ कर आसानी से पता लगा लेगा। इस दस्ते के प्रशिक्षित श्वान वाहन, बालू, अनाज समेत अन्य चीजों में छिपाकर लाई जाने वाली शराब व मादक पदार्थों को आसानी से खोज लेगा। कुछ माह पहले सीआईडी के एडीजी विनय कुमार ने भागलपुर श्वान दस्ता का निरीक्षण किया था। हर छोटे- बड़े वारदात में दस्ते के ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल पर जोर दिया था। फिलहाल
पुलिस लाइन में संचालित श्वान दस्ते में कुल सात खोजी श्वान है। इसमें स्निफर, ट्रैकर और माइंस डॉग शामिल हैं।
{हैदराबाद में ट्रेंड हो रहे हैं 20 खोजी कुत्ते जो तस्करों तक पहुंचेंगे
{पहले से भागलपुर में ट्रेकर, स्निफर व एक्सप्लोसिव श्वान हैं तैनात
भागलपुर श्वान दस्ते के खोजी कुत्ते {स्निफर डॉग : गंगा (वीआईपी सुरक्षा)
{ट्रैकर डॉग : मानक, चेतन, हुम (वारदात के बाद अपराधियों की ट्रैक करता है)
{ माइंस डॉग : धीमा, दीमा, गिड्डी (विस्फोट पदार्थ का सूंघ कर पता लगाता है)
बालू और गिट्टी में छिपाकर लाई जा रही है शराब झारखंड के साहेबगंज जिले से भागलपुर करीब है। साहेबगंज के मिर्जाचौकी से बड़ी संख्या स्टोन चिप्स, गिट्टी, छर्री की सप्लाई बिहार के अलग-अलग लों में होती है। इसके अलावा भागलपुर में प्रचुर मात्रा में बालू भी है। सूत्रों का कहना है कि बालू, गिट्टी, छर्री आदि के भीतर शराब की खेप छिपाकर तस्करी की जा रही है। फिलहाल पुलिस के पास ऐसा कोई तरीका नहीं है, जिससे बालू, गिट्टी या छर्री लदे ट्रक के भीतर यह पता लगा सके कि उसमें शराब है। लेकिन खोजी श्वानों की मदद से यह काम आसान हो जाएगा।


पुआल के बंडल के भीतर पकड़ी गई थी खेप
सात जनवरी 2018 को तिलकामांझी पुलिस ने सच्चिदानंदनगर मोहल्ले में छापेमारी कर शराब की बड़ी खेप थी। जुगाड़ गाड़ी पर लदे पुआल के बंडल के बीच 261 बोतल विदेशी और 675 पाउच मसालेदार शराब पुलिस ने बरामद की गई थी। ममलखा से यह शराब लाई जा रही थी। पुलिस ने जुगाड़ गाड़ी के ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया था।

मछली के डब्बे में पकड़ाई थी शराब
31 अक्टूबर 2017 को कोतवाली पुलिस ने कलाली गली के मछली पट्टी में भारी मात्रा में देसी- विदेशी शराब बरामद किया था। माफियाओं ने थर्मोकोल के डब्बे में शराब छिपा कर रखा था और ऊपर से मछलियां रख दी गई थी। मछली के कई डब्बों से दो सौ पाउच देसी शराब और 51 बोतल विदेशी शराब बरामद हुआ था।
चावल के भीतर भर कर लाई गई थी
19 नवंबर 2016 को रंगरा पुलिस ने मुरली चौक के पास एनएच-31 पर दुर्घटनाग्रस्त एक ट्रक से भारी मात्रा में विदेशी शराब बरामद किया था। ट्रक में चावल की बोरियां लोड थी, जिसके भीतर शराब की खेप छिपा कर ले जाया जा रहा था। ट्रक के दुर्घटनाग्रस्त हो जाने के कारण शराब तस्करी का भंडाफोड़ हो गया था।

