प्रदेश जदयू अध्यक्ष बशिष्ठ नारायण सिंह ने सोमवार को कहा कि होली के बाद जदयू प्रत्याशियों घोषणा होगी। आज सीएम नीतीश से मुलाकात करने के बाद बशिष्ठ नारायण ने ये बातें मीडिया से साझा की। बता दें कि रविवार को एनडीए ने बिहार की सभी 40 लोकसभा सीटों का एलान कर दिया।
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कल बशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा था कि हमलोगों ने पहले ही सीटों की संख्या की घोषणा कर दी थी। जदयू-भाजपा का 17-17 और लोजपा का 6 सीटों पर लड़ना तय था। अब आपसी सहमति, बिना किसी मतभेद के यह भी निर्णय हो गया है कि कि किस दल के हिस्से में कौन सीटें आयी हैं। हम आश्वस्त होकर सूची जारी कर रहे हैं कि बिहार के लोगों का समर्थन एनडीए को केन्द्र में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व में हुए विकास कार्यों के आधार पर मिलेगा। एक यूनिट की तरह राज्य से लेकर जिला और प्रखंड तक के भाजपा, जदयू और लोजपा कार्यकर्ता एनडीए प्रत्याशियों की जीत सुनिश्चित करने के लिए काम करेंगे।

जदयू को मिलीं सीटें
वाल्मीकिनगर, सीतामढ़ी, झंझारपुर, सुपौल, किशनगंज, कटिहार, पूर्णिया, मधेपुरा, गोपालगंज (सु.), सिवान, भागलपुर, बांका, मुंगेर, नालंदा, काराकाट, जहानाबाद और गया (सु.)
भाजपा इन सीटों पर लड़ेगी
प. चंपारण, पू. चंपारण, शिवहर, मधुबनी, अररिया, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, महाराजगंज, सारण, उजियारपुर,बेगूसराय, पटना साहिब, पाटलिपुत्र, आरा, बक्सर, सासाराम (सु.) और औरंगाबाद
लोजपा को मिलीं ये सीटें
वैशाली, हाजीपुर (सु.) , समस्तीपुर (सु.), खगड़िया, जमुई (सु.), नवादा
मुस्लिम बहुल क्षेत्रों पर जदयू का फोकस
एनडीए गठबंधन में मुस्लिम बहुल लोकसभा सीटों पर जदयू को तवज्जो दी गयी है। कोसी प्रमंडल की सुपौल, मधेपुरा जबकि भागलपुर प्रमंडल की भागलपुर और बांका के अलावा सीमांचल की किशनगंज, कटिहार और पूर्णिया लोकसभा सीटें जदयू को दी गयी हैं। इस क्षेत्र की केवल अररिया सीट भाजपा के पास है। वर्ष 2014 में भाजपा गठबंधन बिहार की इन छह में से एक भी सीट नहीं जीत पायी थी।

