भागलपुर, गंगा नदी में विक्रमशिला सेतु के समानांतर पुल के निर्माण पर ग्रहण बरकरार है। अब कोरम पूरा करने के लिए ठेका एजेंसी के नहीं आने पर निविदा की तारीख फिर से बढ़ा दी गई है। अब 16 मई को टेंडर खुलेगा। पहले 26 अप्रैल को खुलने की तारीख निर्धारित की गई थी। निविदा की अवधि बढ़ने की यह तीसरी तारीख है। सबसे पहले 12 अप्रैल को तारीख तय की गई थी। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (मोर्थ) ने प्रस्तावित परियोजना के लिए 24 फरवरी को री-टेंडर निकाला था। 958.38 करोड़ से यह फोरलेन पुल ईपीसी मोड से बनाया जाना है।
दो बार बढ़ाई जा चुकी है टेंडर की अवधि:
मोर्थ के अधिकारियों ने बताया कि निर्माण एजेंसी को पुल के अलावा नवगछिया साइड से 35 मीटर और भागलपुर साइड से 53 मीटर संपर्क पथ का भी निर्माण करना होगा। मोर्थ ने पहले ही इस परियोजना के लिए पुल-सड़क को एनएच 131 बी घोषित कर रखा है। अधिकारियों ने बताया कि इच्छुक एजेंसियां 17 मई की सुबह 11 बजे तक डॉक्यूमेंट दाखिल कर सकेंगी। निविदा दाखिल करने की अंतिम तिथि भी 17 मई ही है। बता दें कि इस पुल के निर्माण के लिए पहले एलएंडटी को टेंडर मिला था, लेकिन भागलपुर होकर फरक्का जाने के लिए केंद्र सरकार ने इस रूट को राष्ट्रीय जलमार्ग घोषित किया है। इस कारण एलएंडटी द्वारा बनाये गये पुल के डिजाइन पर राष्ट्रीय जलमार्ग प्राधिकरण ने आपत्ति जताते हुए एनओसी देने से इंकार कर दिया था।
निर्माण व मेंटेनेंस की बाध्यता से एजेंसियों में रुचि नहीं
प्राधिकरण की आपत्ति थी कि 50 मीटर के स्पैन (दो पीलर के बीच की दूरी) होने से कार्गो जहाज फंस सकता है। आपत्ति को लेकर एलएंडटी ने बजट में करीब 500 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी की मांग की। जिसे मोर्थ ने खारिज करते हुए पुनर्निविदा निकाल दिया। इस पुल का निर्माण 48 माह में पूरा करने और 10 साल तक मेंटेनेंस करने की बाध्यता को देख एजेंसियां रुचि नहीं दिखा रही है।


