मायागंज अस्पताल में एक बार फिर खून की दलाली का मामला सामने आया है। इसबार तो अस्पताल अधीक्षक के फर्जी हस्ताक्षर से खून लेने ब्लड बैंक पहुंचे युवक को पकड़ा गया है। गुरुवार दोपहर ब्लड बैंक में खून लेने पहुंचे बड़ी खंजरपुर के रहनेवाले जयराम कुमार की बातों से संदेह हुआ तो सुरक्षा गार्ड ने उसे पकड़ लिया।
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उसे बरारी पुलिस के हवाले कर दिया गया है। शुक्रवार को जेल भेजा जायेगा।जयराम कुमार गुरुवार दोपहर लगभग 12 बजे ब्लड बैंक पहुंचा और कहा कि उसकी चाची सरिता देवी लेबर रूम में भर्ती है। डॉक्टर ने उनके शरीर में खून की कमी बतायी है। इसलिए वह अधीक्षक से मिला और डॉक्टर की पर्ची पर उनसे हस्ताक्षर कराकर लाया है।
वहीं मौजूद एक स्टाफ ने बताया कि अधीक्षक अस्पताल पहुंचे ही नहीं हैं तो उन्होंने हस्ताक्षर कैसे कर दिया। इसके बाद ब्लड बैंक के स्टाफ को संदेह हुआ। उन्होंने अधीक्षक को कॉल कर पूछा तो पता चला कि उन्होंने हस्ताक्षर किया ही नहीं है। अधीक्षक ने उस दलाल को पकड़ने को कहा। सुरक्षा गार्ड ने पकड़ लिया। अधीक्षक के बयान पर बरारी थाने में उसके खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है।

तीन हजार में तय हुआ था सौदा
पकड़े गये दलाल की बताई बातों की सच्चाई जानने के लिए अस्पताल के स्टाफ जब मरीज के पास पहुंचे तो पता चला कि उस महिला का नाम सुलेखा देवी है और उसे सुल्तानगंज पीएचसी से रेफर किया गया है। बुधवार को दोपहर में उसे मायागंज में भर्ती कराया गया है। डॉक्टर ने ब्लड चढ़ाने को कहा था।
महिला के पति संजय यादव ने बताया कि वह अपने परिजनों को खोजने के लिए बाहर गया तो उसके पास जयराम नाम का युवक आया और उसने कहा कि खून की आवश्यकता है तो वह उसे पूरा करा देगा। एक यूनिट खून के लिए उसने पांच हजार की मांग की। संजय ने उतने पैसे देने से मना कर दिया तो तीन हजार में खून का सौदा तय हुआ। उसके बाद वह अधीक्षक का फर्जी हस्ताक्षर कर खून लेने के लिए ब्लड बैंक पहुंच गया।

