विक्रमशिला पुल के समानांतर पुल के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया सामाजिक प्रभाव आकलन के पेच में फंस गया है। जिला भू-अर्जन कार्यालय ने सामाजिक प्रभाव आकलन (एसआईए) के लिए तीन संस्थानों आद्री बिहार, चन्द्रगुप्ता प्रबंधन और अनुग्रह नारायण सिन्हा बिहार को प्रस्ताव भेजकर शुल्क की जानकारी मांगी थी। बताया जा रहा है कि रिमाइंडर भेजने के बावजूद मात्र एक संस्थान का प्रस्ताव जिला प्रशासन को प्राप्त हुआ है।
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एडीएम राजेश झा राजा ने बताया कि तीनों संस्थानों से रेट आ जाने के बाद किसी एक का चयन किया जाएगा। नियम के मुताबिक, तीनों संस्थानों से प्रस्ताव आना जरूरी है। इसके लिए फिर से रिमाइंडर भेजा जाएगा। सामाजिक प्रभाव आकलन के बाद ही जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।

विक्रमशिला के समानांतर पुल और पहुंच पथ के लिए जिले के मखुजान मौजा की 10.98 एकड़, महादेवपुर मौजा की 35.53 एकड़, परबत्ता मौजा की .48 एकड़ और भागलपुर नगर निगम मौजा की 4.41 एकड़ जमीन का अधिग्रहण होना है। जमीन की अनुमानित राशि 59 करोड़ 12 लाख 33 हजार 718 रुपये है। जिला प्रशासन ने विभाग से आवंटन की भी मांग की है। विक्रमशिला पुल पर वाहनों का लोड बढ़ने के चलते सरकार ने समानांतर पुल बनाने का निर्णय लिया है। हालांकि सामाजिक प्रभाव आकलन नहीं होने से निर्माण कार्य में देरी हो सकती है।

