भारतीय सेना में कार्यरत भागलपुर जिले के भ्रमरपुर गांव निवासी कर्नल बिनय कुमार झा को बिहार के राज्यपाल फागू चौहान ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर पटना के गांधी मैदान में विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया है। उन्हें यह पुरस्कार थल सेना में उत्कृष्ट सेवा के लिए दिया गया है। राज्यपाल ने उन्हें इस मौके पर प्रशस्त्रि-पत्र और 50 हजार रुपए पुरस्कार देकर सम्मानित किया है।
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अभी वे स्कूल ऑफ आर्टिलियरी देवलाली (नासिक) में ऑफिसर इंचार्ज हैं, जहां पर वे नए अधिकारियों को यूएवी पायलट की ट्रेनिंग दे रहे हैं। अपने ननिहाल सलेमपुर के खैरा मिडिल स्कूल (समेली) से उन्होंने प्राथमिक शिक्षा की शुरुआत की। इसके बाद की पढ़ाई उन्होंने पूर्णिया के आदर्श मध्य विद्यालय चंदवा (धमदाहा) से की। यहीं से उन्होंने सैनिक स्कूल तिलैया के लिए क्वालीफाई किया। तिलैया से उन्होंने एनडीए की परीक्षा पास की। ट्रेनिंग के बाद उन्होंने श्रीलंका के शांति सेना में योगदान दिया। कर्नल विनय के पिता शंभूनाथ झा भी फौज में थे।
कर्नल बिनय की प्रमुख उपलब्धि
खड़गवासला में ट्रेनिंग समाप्त होने के बाद कर्नल बिनय कुमार झा ने श्रीलंका में भारत से गए शांति सेना के तोपखाना रेजिमेंट में योगदान दिया। इसके अलावा उन्होंने जम्मू कश्मीर में आतंकवादी गतिविधियों के खिलाफ महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। देश के विभिन्न हिस्सों में कश्मीर से कन्याकुमारी, अण्डमान निकोबार तक अति संवेदनशील काम में अपनी कार्य कुशलता दिखाई है।
टोही विमानों के सफल प्रक्षालन के प्रणेता

क्षेत्र की मिट्टी से बने संस्कार से समर्पित इंसान कर्नल बिनय सेना में टोही विमानों के सफल प्रक्षालन में इन्हें महारत हासिल हैं। आधुनिक काल में इसकी गुणवत्ता का और विकास कर रहे हैं और सेना के नए लोगों को इसकी ट्रेनिंग दे रहे हैं। सेना को अति संवेदनशील जानकारी देते रहने में इनकी कार्य कुशलता है।
