जिला शिक्षा विभाग के लिपिक नवल किशोर भारती की रविवार को अपराधियों ने गोली मारकर बेरहमी से हत्या कर दी। हत्या अहले सुबह तब हुई जब वे बालू की ट्रक के उनके निर्माणाधीन आवास पर आने की सूचना पर घर से पैदल ही निकले थे।

अपराधियों ने लिपिक के सिर में तीन गोली मारी
अपराधियों ने मधुबनी टीओपी थानाक्षेत्र के बावन बीघा रेलवे गुमटी नंबर सात के पास लिपिक के सिर में तीन गोली मारी और फरार हो गए। हत्या की सूचना मिलने पर मृतक के परिजन घटनास्थल पर पहुंचे। इसी बीच टीओपी पुलिस भी मौके पर पहुंची और छानबीन के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने का प्रयास करने लगी। मृतक के परिजनों ने इसका विरोध किया और कुछ देर तक नामजद हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे।

सांसद समेत शिक्षा विभाग के कई कर्मी पहुंचे पोस्टमार्टम हाउस
करीब दो घंटे के बाद एसडीपीओ आनंद पांडेय भी घटनास्थल पर पहुंचे और आक्रोशित लोगों को समझा बुझाकर शांत कराया। काफी मशक्कत के बाद शव वहां से उठाकर कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पोस्टमार्टम हाउस में शव के पहुंचते ही मृतक के शुभचिंतकों की भीड़ लग गई। चूंकि मृतक नवल किशोर भारती शिक्षा विभाग में लिपिक के पद पर कार्यरत थे। इसके चलते शिक्षा विभाग के आरडीडी दिनेश चंद्र देव व डीईओ श्यामबाबू राम के साथ बड़ा बाबू समेत कई कर्मी पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। मौके पर सांसद संतोष कुशवाहा भी पोस्टमार्टम हाउस में पहुंचकर मृतक के परिजनों को सांत्वना दी और हत्यारे की गिरफ्तारी की मांग को लेकर पुलिस विभाग के वरीय अधिकारियों से बात करने का आश्वासन दिया।

पैसे के लेन-देन के कारण मारी गोली!
पोस्टमार्टम हाउस में मौजूद मृतक के भाई नीरज कुमार ने बताया कि पैसे के लेन-देन के कारण ही गोली मारी गई है। करीब चार-पांच साल पूर्व वे लोग मधुबनी अंडा चौक के पास रहते थे। पास में ही रहने वाले किराना दुकानदार मो. सगीर से उनलोगों की दोस्ती हो गई। इस बीच मो. सगीर ने आर्थिक स्थिति खराब होने का हवाला देते हुए बड़े भाई नवल किशोर भारती से एक लाख 85 हजार रुपए लिए। इस बीच फिर वह हमसे भी घर बनाने में सहायता करने के नाम पर 50 हजार रुपए ले लिया।

शिकायत की तो उल्टे पुलिसवालों ने थाने में बंद किया
काफी दिन तक पैसे मांगने पर पहले तो टाल मटोल कर रहा था। बाद में झूठा ही यह आरोप लगाने लगा कि तुमलोगों ने चार लाख रुपए हमसे लिया है। इसे वापस करो। इसके बाद दोनों भाइयों ने केहाट थाना से मदद लेने की सोची। 10 मार्च को ही हमदोनों भाई मामले को लेकर थाना गए थे। लेकिन थाने में पुलिस ने हमलोगों का नहीं सुनी। उल्टे तीन घंटे तक थाने में हिरासत में बंद रखा।

थाने में मो. सगीर ने परिणाम भुगतने की धमकी दी थी
मृतक के भाई ने बताया कि बाद में थाने में उनके और विपक्षी पक्ष से बांड पेपर भरवाने के बाद हमलोगों को छोड़ा गया। मृतक के भाई ने बताया कि थाने में भी मो. सगीर ने परिणाम भुगतने की धमकी दी थी। हत्याकांड में उसके साथ दो अन्य लोग शामिल हैं। इसमें से एक अपराधी प्रवृति का है।
इधर, एसडीपीओ आनंद पांडे ने बताया कि इस हत्याकांड में मो. सगीर को हिरासत में लिया गया है। उससे हत्याकांड से जुड़े तथ्यों की जानकारी हासिल की जा रही है। इसके अलावा पुलिस हत्याकांड से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।

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By न्यूज़ डेस्क

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