सूबे में सबसे ज्यादा कोरोना पॉजिटिव वाला जिला भागलपुर बन गया है। अब तक 327 मरीज मिल चुके हैं। संक्रमण में नंबर-1 पर रहा पटना अब एक पायदान खिसककर दूसरे स्थान पर आ गया। पटना में 322 मरीज संक्रमित मिले हैं। भागलपुर अनलॉक के पहले 8वें स्थान पर था। 31 मई तक संक्रमितों की संख्या 181 थी। अब रोजाना जिले में नए मरीज मिल रहे हैं। आलम यह है कि अब क्वारेंटाइन सेंटरों में नहीं, गांव-मोहल्ले से ही पॉजिटिव केस सामने आ रहे हैं। डॉक्टरों ने बताया कि मरीजों की संख्या में वृद्धि का कारण सोशल डिस्टेंस का पालन न करना है। 1 जून से अनलॉक होते ही 13 दिनों में ही 146 केस मिलना खतरनाक है। पॉजिटिव का ग्राफ इसी रफ्तार में बढ़ताा तो भागलपुर में सामुदायिक संक्रमण (कम्युनिटी स्प्रेड) का रूप ले लेगा। इसे संभाल पाना मुश्किल होगा, इसलिए अब भी घरों में ही रहें और संक्रमित होने से बचें। इधर, सुल्तानगंज के कटहरा गांव की संक्रमित महिला के बाद शुक्रवार को उसका 4 साल का बेटा पॉजिटिव मिला। अब पति भी संक्रमित मिला।


नवगछिया न्यूज़ WhatsApp Group

13 दिनों में कहां हुई लापरवाही

{दूसरे राज्यों से ट्रेन से आए लोगों की प्लेटफार्म पर सही तरीके से स्क्रीनिंग नहीं की गई।
{स्टेशन परिसर से मुस्लिम हाईस्कूल तक जाने के लिए बसों में ठूंस-ठूंस कर बिठाया गया।
{जिस क्वारेंटाइन सेंटरों में ठहराया गया, वहां भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हुआ।
{लॉकडाउन में छूट मिली तो दो गज की दूरी के नियमों को अनदेखा किया गया।
{बेखाैफ होकर गांव-मोहल्ले में लोगों से मिलते-जुलते रहे, इससे संक्रमण फैला।

14 नए मरीज, गोराडीह में 6

शनिवार को भागलपुर में 14 नए मरीज मिले। इनमें सबसे ज्यादा गोराडीह में 6, नारायणपुर में 2, गोपालपुर में 3 और रंगरा चौक, बिहपुर और सबौर में एक-एक मरीज मिले हैं। सीएस डॉ. विजय कुमार सिंह ने बताया, मायागंज में अब बेड नहीं हैं। उन्हें कोविड केयर सेंटर में भर्ती करेंगे।

सभी की है ट्रैवल हिस्ट्री

गोराडीह पीएचसी प्रभारी डॉ. साकेत रंजन ने बताया, सभी 6 लोग नदियामा पंचायत के हैं। गोपालपुर के तिनटंगा व डुमरिया के दो युवक दिल्ली व हरियाणा से आए थे। नारायणपुर पीएचसी के स्वास्थ्य प्रबंधक शंकर पासवान ने बताया, एक युवक नगरपारा और एक मनोहरपुर गांव का है। दोनों दिल्ली से आए थे। बिहपुर में भी एक संक्रमित मिला।

अभी भी बरतें सावधानी

{हालात बदतर ना हों, इसलिए हमें अभी भी स्टे होम, बी सेफ के नियमों को मानना होगा।
{भीड़ भरे इलाकों व हाट-बाजार में सोशल डिस्टेंसिंग के लिए फिर पुलिस-प्रशासन को एक्टिव होना पड़ेगा।
{कोरोना के लक्षण पता चलते ही बिना संकोच खुद व परिवार के लोगों की सैंपलिंग कराएं।
{आरोग्य सेतु एप डाउनलोड करें। इससे संक्रमण से बचने में आसानी होगी।
{ट्रैवल हिस्ट्री न छुपाएं, घर जाने से पहले टेस्ट कराएं। रिपोर्ट आने तक घर में क्वारेंटाइन में रहें।
यह तस्वीर खलीफाबाग की है। लोग सामाजिक दूरी मेंटेन नहीं कर रहे। यह खतरनाक है।

रिकवरी रेट में भागलपुर पिछड़ा

13 दिन में कोरोना के 43.11 प्रतिशत मरीज बढ़ने का असर जिले में स्वस्थ हो रहे कोरोना मरीजों की दर यानी रिकवरी रेट पर पड़ा। 13 जून तक के आंकड़ों के अनुसार, बिहार प्रदेश का कोरोना मरीजों का रिकवरी रेट (6183 में 3686 स्वस्थ) 59.61 प्रतिशत रहा, जबकि भागलपुर जिले में कोरोना मरीजों का रिकवरी रेट (327 में से 187 स्वस्थ) 57.18 प्रतिशत है। अगर सूबे के कोरोना प्रभावित टॉप पांच जिलों की बात करें तो इसमें भी भागलपुर जिला पांचवें स्थान पर है। सूबे में दूसरे स्थान पर पटना जिले में कोरोना मरीजों का रिकवरी रेट (316 में 198 स्वस्थ) 62.65 प्रतिशत, बेगूसराय का (294 में 244 स्वस्थ) 88.99 प्रतिशत, खगड़िया का (288 में 266 स्वस्थ) 57.63 और रोहतास का (281 में 227 स्वस्थ) 80.78 प्रतिशत है।

दो सप्ताह से जिले में हर रोज औसतन 10 कोरोना मरीज पाये जा रहे हैं, जबकि इससे पहले छह से सात मरीज रोजाना का औसत था। एक सप्ताह बाद जिले में स्वस्थ होने वाले मरीजों का आंकड़ा बढ़ेगा, जिससे जिले के रिकवरी रेट में अप्रत्याशित वृद्धि होगी। – डॉ. विजय कुमार सिंह, सिविल सर्जन, भागलपुर

By न्यूज़ डेस्क

न्यूज़ को शेयर करे और कमेंट कर अपनी राय दे.....

Dinamobet
Dinamobet
Dinamobet
Dinamobet
Dinamobet
Dinamobet
Kulisbet
Kulisbet
Dinamobet
Dinamobet
Kulisbet
Kulisbet
Kulisbet giriş
Kulisbet güncel giriş
kralbet
Dinamobet
Dinamobet
Madridbet
Dinamobet
Dinamobet
Kulisbet
Matbet
Matbet