नवगछिया : विक्रमशिला सेतु का पहुंच पथ जर्जर हो गया है। इस पर जगह-जगह गड्ढे बन गए है। इससे आए दिन बाइक सवार गिरने से घायल हो रहे हैं। नवगछिया जीरोमाइल से विक्रमशिला पुल तक जाने में लोगों को जान हथेली पर रखकर जाना पड़ता है। तेतरी से जगतपुर तक सड़क की स्थिति यह है कि कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
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सबसे अधिक इस सड़क पर बाइक सवार रात में दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। सड़क की दुर्दशा देख अब पूर्व सैनिकों ने मोर्चा खोल दिया है। सैदपुर निवासी पंकज कुमार सिंह सहित अन्य पूर्व सैनिकों ने रविवार को तेतरी जीरोमाइल से लेकर जगतपुर तक जर्जर सड़क के खिलाफ आवाज बुलंद की। उन्होंने कहा कि सड़क इतनी जर्जर है कि वह खुद इस हादसे का शिकार हो चुके हैं। लेकिन प्रशासन और जनप्रतिनिधि इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
कहा कि यह सड़क कई वर्षों से जर्जर है। बीच में सड़क की मरम्मत की गई थी। लेकिन गुणवत्तापूर्ण काम नहीं होने से कुछ दिन बाद ही सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। पूर्व सैनिकों ने कहा कि अगर जल्द सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई तो हम आंदोलन को बाध्य होंगे। साथ ही प्रधानमंत्री और पथ निर्माण मंत्री को भी पत्र लिखेंगे।

मौके पर मौजूद कांग्रेस नेता संजीव कुमार सिंह कहा कि सड़क इतनी जर्जर है कि भागलपुर और नवगछिया की ओर से जाने वाली गाड़ी एक ही तरफ से आती-जाती है। इससे जाम की समस्या भी उत्पन्न होती है। गड्ढे में फंसने से वाहन भी हो रहे हैं खराब, लगता है जाम नवगछिया से भागलपुर तक एनएच-131बी पर परबत्ता पुलिस चौकी से खरगा चौक के बीच दाहिने हिस्से की सड़क की हालत जर्जर है। यहां जगह-जगह जानलेवा गड्ढे हैं।
गड्ढों से बचने के लिए कार और बसें कट मारते हुए गुजरती हैं। इससे दुर्घटनाएं हो रही हैं और वाहन भी खराब हो रहे हैं। इस संबंध में एनएच के एसडीओ अंकित कुमार ने बताया कि निर्माणाधीन विक्रमशिला फोरलेन पुल और सड़क दोनों केंद्र सरकार के अधीन है। जब सड़क की मरम्मत या नवीनीकरण के लिए एस्टीमेट भेजा जाता है तो वहां से राज्य सरकार से काम करवाने के लिए कहा जाता है। और राज्य सरकार केंद्र को काम कराने के लिए कहती है। केंद्र और राज्य सरकार के बीच पेच फंसा हुआ है। ऑर्डिनरी रिपेयरिंग के लिए भी एस्टीमेट भेजा गया है।
