नवगछिया। परबत्ता थाना क्षेत्र के राघोपुर गंगा क्षेत्र में करीब 70 मीटर तटबंध ध्वस्त हो गया। तटबंध टूटने के बाद खरीक प्रखंड के दक्षिणी इलाके में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। सोमवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हवाई सर्वेक्षण कर कटे हुए तटबंध का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने पुल का भी हवाई निरीक्षण किया। घटना के बाद प्रशासन और पुलिस की सक्रियता बढ़ा दी गई है।
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तटबंध टूटने से गंगा का पानी तेजी से आसपास के रिहायशी और कृषि क्षेत्रों की ओर बढ़ने लगा है। इससे बड़ी आबादी के प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। प्रशासन की टीमें प्रभावित इलाकों पर नजर बनाए हुए हैं और संभावित स्थिति से निपटने की तैयारियां की जा रही हैं।
पूर्व सांसद ने सरकार पर उठाए सवाल
पूर्व सांसद अनिल यादव ने राघोपुर तटबंध टूटने को गंभीर मामला बताते हुए कहा कि इससे हजारों लोगों के सामने संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने कहा कि गंगा का पानी तेजी से रिहायशी और कृषि क्षेत्रों की ओर बढ़ रहा है। ऐसे में प्रशासन को प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा और राहत व्यवस्था को प्राथमिकता देनी चाहिए।

पूर्व सांसद ने तटबंध की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि जब दो दिन पहले एनडीए बैठक के नाम पर ठेकेदारों के साथ बैठक की जा रही थी, तब बढ़ते जलस्तर और तटबंध की स्थिति का जायजा लेने के लिए अधिकारी मौके पर क्यों नहीं पहुंचे। उन्होंने तटबंध सुरक्षा कार्यों की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की।
तटबंध निर्माण में अनियमितता का आरोप
अनिल यादव ने स्थानीय लोगों के आरोपों का हवाला देते हुए कहा कि तटबंध की सुरक्षा के नाम पर बालू की जगह मिट्टी और बोरों से काम चलाने की बात सामने आ रही है। उन्होंने कहा कि यदि ये आरोप सही हैं तो पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए।
उन्होंने सरकार से यह भी सवाल किया कि तटबंध की सुरक्षा के लिए कितनी राशि आवंटित की गई थी, कितना काम कराया गया और कितना भुगतान किया गया। इसके अलावा सुरक्षा कार्यों की गुणवत्ता की जांच किस अधिकारी द्वारा की गई, इसकी जानकारी भी सार्वजनिक करने की मांग की गई।
तटबंध टूटने से मची अफरा-तफरी
ग्रामीण शिव मंडल ने बताया कि सोमवार सुबह करीब 2:30 बजे वह तटबंध पर सो रहे थे। इसी दौरान अचानक तेज आवाज सुनाई देने लगी। देखते ही देखते तटबंध धीरे-धीरे टूटने लगा। घटना के बाद आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई और लोग शोर मचाते हुए तटबंध की ओर पहुंचने लगे।
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को तटबंध के आसपास से हटाया। प्रशासन की ओर से प्रभावित इलाके में सतर्कता बढ़ा दी गई है। तटबंध टूटने के बाद जल प्रवाह और संभावित बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
