नवगछिया : प्रखंड की तीन पंचायतें हरी सब्जी का हब बनकर उभर रही हैं। यहां पहले मक्का, गेंहू सहित चार फसलों की खेती किसान करते थे। पुरानी तकनीक से कृषि को पीछे छोड़ किसानों ने बिना किसी प्रशिक्षण अब हरी सब्जी का हब बना दिया है।
खासकर ढोलबज्जा के किसानों ने सब्जी उत्पादन के क्षेत्र में नया आयाम स्थापित किया है। हरी सब्जी में कद्दू को प्रमुख स्थान दिया है। कोसी पार तीन पंचायतों में लगभग 20 एकड़ भूमि पर कद्दू की खेती की जा रही है। किसान नीरज मंडल, जितेंद्र मंडल, गोरेलाल यादव, छबलू मंडल, संजय मंडल, भांगिया मंडल, अजीत कुमार, रामचंद्र मंडल, संदीप मंडल बताते हैं कि कद्दू की फसल 90 से 100 दिन में तैयार हो जाती है। कम पूंजी में अधिक मुनाफा हो रहा है। मक्का और गेहूं की खेती में समय के साथ अधिक खर्च भी होता था।
इसके बाद भी बाजार में सही कीमत नहीं मिलती थी। जिसके कारण अब मक्का और गेहूं को छोड़ सब्जी की खेती करने में जोर दिया जा रहा है। सबसे अधिक कद्दू की खेती दियारा इलाके में हो रही है। ढोलबज्जा के सरपंच सुशांत कुमार बताते हैं कि दियारा में पहले मोटे अनाज की खेती की जाती थी। लेकिन अब किसानों की मेहनत और लगन से यह इलाका सब्जी का हब बनकर उभर रहा है। सरकार की ओर से किसानों को प्रशिक्षण और सुविधा मिले तो आर्थिक स्थिति के साथ गंगा और कोसी का इलाका सब्जी के उत्पादन में नया कीर्तिमान स्थापित करेगा।


