नवगछिया: इस्माईलपुर-बिंद टोली क्षेत्र में गंगा और कोसी नदी के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। हालांकि राहत की बात यह है कि पिछले 24 घंटे में गंगा के जलस्तर बढ़ने की रफ्तार धीमी रही है और दोनों नदियां अभी भी चेतावनी एवं खतरे के निशान से काफी नीचे बह रही हैं। जल संसाधन विभाग ने तटबंधों की सुरक्षा को लेकर निगरानी और फ्लड फाइटिंग अभियान तेज कर दिया है।
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बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल की गुरुवार सुबह 6 बजे जारी रिपोर्ट के अनुसार, स्पर संख्या-07 पर गंगा नदी का जलस्तर 29.06 मीटर दर्ज किया गया, जो पिछले 24 घंटे में 4 सेंटीमीटर बढ़ा है। यह जलस्तर चेतावनी स्तर 30.60 मीटर से 1.54 मीटर तथा खतरे के निशान 31.60 मीटर से 2.54 मीटर नीचे है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2021 में यहां गंगा का उच्चतम जलस्तर 33.50 मीटर रिकॉर्ड किया गया था।
अधिकारियों ने बताया कि गंगा का पानी अब तटबंध के तल तक पहुंच चुका है। इसे देखते हुए कटाव निरोधी स्थलों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। संभावित कटाव से बचाव के लिए फ्लड फाइटिंग का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। विभाग का कहना है कि वर्तमान में तटबंध पूरी तरह सुरक्षित है और स्थिति नियंत्रण में है।

वहीं मदरौनी गेज पर कोसी नदी का जलस्तर भी बढ़ा है। गुरुवार सुबह 6 बजे यहां जलस्तर 29.27 मीटर दर्ज किया गया, जो पिछले 24 घंटे में 9 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्शाता है। यह चेतावनी स्तर 30.48 मीटर से 1.21 मीटर तथा खतरे के निशान 31.48 मीटर से 2.21 मीटर नीचे है। वर्ष 2021 में इस गेज पर कोसी का उच्चतम जलस्तर 33.46 मीटर दर्ज किया गया था।
जल संसाधन विभाग के अनुसार, कोसी नदी का पानी अभी तटबंध के तल तक नहीं पहुंचा है और तटबंध पूरी तरह सुरक्षित है। इसके बावजूद विभाग लगातार जलस्तर की निगरानी कर रहा है और किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए फ्लड फाइटिंग टीम को पूरी तरह अलर्ट रखा गया है। अधिकारियों का कहना है कि सभी आवश्यक सुरक्षा तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और हालात पर चौबीसों घंटे नजर रखी जा रही है।
