नवगछिया बाजार स्थित एसबीआई बैंक के सामने लोटस प्रोफिसिएंट निधि लिमिटेड फर्जी बैंक के द्वारा 60 लाख रुपए ठगी का मामला प्रकाश में आया है। इस संबंध में बैंक के लाभुक जमुनिया निवासी सुनिधि कुमार ने बताया कि गांव के ही बैंक के एजेंट सुरेंद्र प्रसाद सिंह व शंभु पासवान ने व्यवसाई व फुटकर दुकानदार को विश्वास में लेकर प्रतिदिन एक सौ, पांच सौ, हजार रुपए जमा करवाते थे।

एजेंट का कहना था कि यदि आप इस बैंक में रुपया जमा करते हैं तो आपको लोन लेने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। आप लोन लेकर अपना व्यवसाय बेहतर कर सकते हैं। एजेंट के माध्यम से जमुनिया पंचायत से रौशन कुमार, राहुल कुमार, धीरज कुमार साह, प्रदीप कुमार, ज्योतिष भगत, राजीव पोद्दार मारूती भगत, अशोक कुवंर, राजा, खुशी चंद्र भगत, मु. अनवर सहित 84 लोगों से 60 लाख रुपया जमा करवाया।

जब मैच्योरिटि हुआ तो रुपया नहीं दिया गया। रुपया देने में टाल-मटौल करने लगा। बताया गया था कि बैंक मनैजर पुष्पा कुमारी है। बैंक गया तो वहां कुछ भी नहीं था। बैंक जैसा कुछ भी नहीं था। चार से पांच व्यक्ति ने मिलकर रुपया की ठगी कर लिया है। बैंक एजेंट सुरेंद्र प्रसाद सिंह व शंभु पासवान के साथ बैंक के लाभुक नवगछिया न्यायालय आए थे। नवगछिया न्यायालय में शपथ पत्र बनवा कर सभी लाभुक से एक वर्ष के अंदर रुपया वापस करने का करार किया हैं।

एजेंट महदत्तपुर के सुरेंद्र प्रसाद सिंह, विषाय टोला के शंभु पासवान ने नवगछिया न्यायालय के द्वारा जारी किए गए शपथ पत्र में बताया कि वह लोटस प्रोफिसिएंट निधि लिमिटेड का एजेंट हैं। मैंने एजेंट के तौर पर लगभग 84 व्यक्ति से 60 लाख रुपये वसूल किया कर चुका हूं। जिसका लाभांश और मुल्यांश मैं अपने ग्राहकों तक पहुंचाने में अक्षम हूं, जो मेरी जबाबदेही बनती हैं। एजेंट के तौर पर जो रुपया मैंने लिया है उसका देनदार ग्राहक को मैं हूं और रुपया वापस करना मेरी जबाबदेही हैं। रुपया वापस नहीं करने की स्थिति में अपनी संपत्ति बेचकर भी ग्राहकों को रुपए वापस करूंगा। ग्राहकों को रुपया एक वर्ष के अंदर वापस कर दूंगा और रुपया वापस नहीं करने की स्थिति में एक वर्ष में अपनी संपत्ति बेचकर रुपया वापस कर दूंगा।

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By न्यूज़ डेस्क

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