नवगछिया में जानकी नवमी के अवसर पर श्री शिवशक्ति योगपीठ में एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जगद्गुरु रामानुजाचार्य श्री रामचंद्राचार्य परमहंस स्वामी आगमानंद जी महाराज की उपस्थिति में हुआ। सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी। यहां देवी-देवताओं की पूजा की गई और माता सीता की आराधना की गई। सामूहिक सुंदरकांड पाठ से परिसर में राममय वातावरण बना और श्रद्धालुओं ने संगीत और भक्ति में डूबकर हर्ष मनाया।
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मनोरंजन के दौरान मानस कोकिला कृष्णा मिश्रा ने सीता पर भावपूर्ण गीत प्रस्तुत किया और श्रीरामचरितमानस के प्रसंगों को सुनाया। कई विद्वानों ने माता सीता के जीवन के महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा की।
स्वामी आगमानंद जी ने कहा कि जानकी नवमी मात्र एक धार्मिक उत्सव नहीं है, बल्कि यह सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि इस दिन श्रीराम का स्मरण करने से माता सीता खुश होती हैं। समारोह के अंत में सभी श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें महाप्रसाद वितरित किया गया। यह कार्यक्रम धर्म, संस्कृति और माता सीता के आदर्शों का संगम बना।.

