नवगछिया : रंगरा चौक प्रखंड के सधुआ गांव स्थित एक विवाह भवन में गुरुवार को संतमत सत्संग का आयोजन किया गया। इसमें पीरपैंती के शेरमारी स्थित महर्षि मेंहीं आश्रम के संस्थापक आचार्य स्वामी भागवतानंद महाराज ने भी शिरकत की। प्रवचन के दौरान उन्होंने कहा कि माता-पिता की पुण्यस्मृति पर सत्संग करने से पितर प्रसन्न होते हैं। उन्होंने कहा कि सत्संग के आयोजन से सामाजिक समरता बढ़ती है।
Total Downloads: 167
इस दौरान उन्होंने मेंहीं बाबा लिहले जनमवा हो बाबू, बबूजन के अंगनवां… भजन गाकर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। डॉॅ. शिवनाथ रविदास ने कहा कि एक मनुष्य में ही मुक्ति का द्वार है। बाकी किसी जीव में यह सुविधा उपलब्ध नहीं है। यहां तक कि देवताओं में भी नहीं है। सेवक ब्रह्मचारी हरीश बाबा ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
आयोजन में वीरेंद्र गुप्ता, बबीता गुप्ता, नैंसी गुप्ता, राहुल गुप्ता, नैनी गुप्ता आदि ने सहयोग किया। मौके पर संतोष बाबा, महेंद्र दास, सुभाष दास, सुबोध यादव सहित सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद थे। देर शाम भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।

