नवगछिया : घुटने तक पानी में शहीद जवान अंकित यादव (35) का अंतिम संस्कार किया गया है। 4 साल के बेटे ने पिता को मुखाग्नि दी। गांव में घुटने तक पानी भरा है, इसलिए गांव में ही ईंट भट्ठे के पास शहीद को अंतिम सलामी दी गई। सड़क के किनारे अंतिम संस्कार किया गया। इसमें पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे भी शामिल हुए।
इसके पहले जब जवान का पार्थिव शरीर घुटने तक पानी में गांव में लाया गया। पानी ज्यादा होने की वजह से गाड़ी फंस गई। इसके बाद कंधे पर पार्थिव शरीर रखकर घर लाया गया। पैतृक गांव रंगरा प्रखंड के चापर में अंकित यादव का अंतिम संस्कार किया गया।
जवान की पत्नी पार्थिव शरीर को देखते ही फूट-फूटकर रो पड़ी। उन्होंने अपना मंगलसूत्र खुद उतारकर पार्थिव शरीर पर रख दिया। सेना के अधिकारियों से पूछा कि ‘हमले के वक्त वहां पूरा बटालियन नहीं था क्या’। अफसरों ने कहा- ‘सभी थे’। जवान की पत्नी ने पूछा- ‘फिर ये कैसे हो गया।’

जवान का पार्थिव शरीर फूलों से सजी गाड़ी से गांव तक लाया गया। गाड़ी के साथ लोग हाथों में तिरंगा लिए चलते रहे। भारत माता के नारे लगे। देश भक्ति गीत भी बजते रहे।
अंकित सेना में हवलदार के पद पर तैनात थे और बारामुला जिले के उरी सेक्टर में टिका पोस्ट में उनकी पोस्टिंग थी। जम्मू-कश्मीर में 13 अगस्त को आतंकियों की फायरिंग में वे शहीद हुए थे।


बाढ़ के बीच जवान का पार्थिव शरीर घर लाया गया, 4 तस्वीरें




तिरंगे में लिपटा शहीद जवान अंकित यादव का पार्थिव शरीर

जवान के घर से आई 3 तस्वीरें देखिए…



13 अगस्त को शहीद हुए थे अंकित यादव
12 अगस्त की रात कश्मीर में अचानक आतंकियों की ओर से फायरिंग होने लगी। सेना ने भी जवाबी कार्रवाई की, इस दौरान आतंकियों की गोली अंकित को लग गई, जिसमें वे गंभीर रूप से घायल हो गए।
जख्मी हालत में पहले AIP-06 और फिर देवी पोस्ट लाया गया। बटालियन के RMO (रेजिमेंटल मेडिकल ऑफिसर) ने ढाई घंटे तक उनका इलाज किया। इलाज के दौरान बुधवार सुबह 6:15 बजे दम तोड़ दिया।
सेना के अधिकारियों ने उनकी शहादत की सूचना बुधवार सुबह 10 बजे बड़े भाई निरंजन यादव को दी। जवान के घर में बूढ़ी मां सविता देवी और पिता लक्ष्मी यादव हैं।
एक महीने पहले कश्मीर में हुआ ट्रांसफर
शहीद जवान के बड़े भाई निरंजन यादव ने बताया, ‘अंकित 2009 में सेना में भर्ती हुए थे। बचपन से ही उनका सपना था कि वे सेना में भर्ती होकर देश की सेवा करें। भाई के शहीद होने पर दुख तो है, लेकिन यह हमारे परिवार और जिले के लिए गर्व की बात है।’
भाई ने कहा, ‘छोटे भाई की शहादत पर मुझे गर्व है। एक माह पहले अंकित छुट्टी पर घर आए थे और 15 दिन पहले ही ड्यूटी पर लौटे थे। एक महीने पहले मेरठ से ट्रांसफर होकर कश्मीर गए थे।’
2017 में हुई थी शहीद अंकित की शादी
शहीद अंकित यादव की शादी वर्ष 2017 में कटिहार जिले के काढ़ा गोला की रहने वाली रूबी कुमारी से हुई थी। उनके दो बेटे हैं- उत्कर्ष (4) और उपांश (2)।
पत्नी बच्चों के साथ कटिहार में रहती हैं। उनकी शहादत की सूचना मिलने पर दोपहर बाद रूबी के भाई कटिहार से उन्हें अपने घर ले गए हैं।
बड़े भाई भी आर्मी में थे
अंकित 4 भाइयों में सबसे छोटे थे। पिता लक्ष्मी यादव किसान हैं। माता सविता देवी गृहिणी हैं। सबसे बड़े भाई निरंजन सेना में JCO के पद से रिटायर हुए हैं। फिलहाल झारखंड के सैप में नियुक्त हैं। निरंजन ने बताया कि वह घर के लिए रवाना हो चुके हैं।
मंझले भाई मिथिलेश यादव RPF में एसआई हैं और पटना के बख्तियारपुर में तैनात हैं। तीसरे भाई मुकेश यादव आर्मी से रिटायर्ड हैं। रिटायर होने के बाद मुकेश यादव पूर्णिया में शिक्षक की नौकरी कर रहे हैं।

